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मध्यप्रदेश

विधायक को संगठन की चेतावनी, भिंड कलेक्टर ने म्यान से खींची चमचमाती तलवार

क्षत्रिय समाज से मिली ‘ताकत’

भिंड। मध्यप्रदेश में भिंड कलेक्टर और विधायक के बीच चल रहे विवाद के बीच अब हालात दिलचस्प मोड़ ले रहे हैं। जहां एक ओर जिले के कुछ लोग कलेक्टर का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थन में भी लोग खुलकर सामने आने लगे हैं। क्षत्रिय समाज और सर्व समाज के प्रतिनिधि कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्हें तलवार भेंट की गई है। कलेक्टर ने भी ऑफिस में चमचमाती तलवार लहराई है।

क्षत्रिय समाज ने कलेक्टर को किया सम्मानित

कलेक्टर के चैंबर में पहुंचकर समाज के लोगों ने पहले उन्हें फूल मालाएं पहनाईं, उसके बाद पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही मंत्रोच्चारण के बीच उन्हें तलवार भेंट की गई। बताया जाता है कि कलेक्टर ने अपने चैंबर में ही इस तलवार को म्यांन (खोल) से बाहर निकाला, औपचारिक रूप से हाथ में लिया और फिर वापस म्यांन में रख दिया।

शक्ति प्रदर्शन है यह

कलेक्टर द्वारा तलवार निकालना कुछ लोगों के बीच शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब कलेक्टर और स्थानीय विधायक के बीच विवाद गहराया हुआ है। इस विवाद के बाद जिले में प्रशासन और राजनीति के बीच टकराव का माहौल बन गया है। विधायक और कलेक्टर दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद से जिले में सियासी हलचल तेज है। इस सम्मान समारोह में मौजूद क्षत्रिय समाज के पदाधिकारी और अधिवक्ता अशोक सिंह भदौरिया ने कहा कि कलेक्टर साहब ने जो काम किया, जो निर्णय लिए, वह जनहित में थे। समाज हमेशा उनके साथ खड़ा है। तलवार सम्मान का प्रतीक है, इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं।

हालांकि, जिले के कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग राय रख रहे हैं। विरोध करने वाले कुछ लोगों का मानना है कि अधिकारी को राजनीतिक मामलों में संयमित रहना चाहिए और ऐसी गतिविधियां प्रशासन की निष्पक्ष छवि पर सवाल खड़े कर सकती हैं।

दो धड़ों में बंट रहा जिला

कुल मिलाकर, विधायक-कलेक्टर विवाद के बीच भिंड में माहौल दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है। एक पक्ष जहां कलेक्टर को गलत ठहरा रहा है, वहीं दूसरा पक्ष उनके सम्मान में आगे आकर समर्थन दे रहा है। तलवार भेंट और पगड़ी पहनाने जैसी परंपरागत रस्मों के बीच प्रशासन और राजनीति के टकराव ने जिले में हलचल बढ़ा दी है।

विधायक को मिली चेतावनी

मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा ने शुक्रवार को अपने विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को उर्वरक की कमी को लेकर हुए हंगामे के दौरान भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव से विवाद के बाद कड़ी चेतावनी जारी की। प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा के एक प्रवक्ता ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि कुशवाह को दिन में पार्टी कार्यालय बुलाया गया और कड़ी चेतावनी दी गई।

उन्होंने कहा, ‘कुशवाहा ने प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्हें बताया गया है कि उनका व्यवहार पार्टी लाइन के विरुद्ध है। भविष्य में ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।’

क्या था मामला

27 अगस्त को, कुशवाह कई प्रदर्शनकारियों के साथ भिंड कलेक्टर श्रीवास्तव के सरकारी आवास के बाहर उर्वरक मुद्दे के समाधान की मांग को लेकर एकत्र हुए थे।

जब प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए और नारे लगाने लगे तो कलेक्टर मौके पर पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों को गेट बंद करने का निर्देश दिया, जिसके बाद उनके और कुशवाहा के बीच तीखी बहस हुई।

वीडियो क्लिप में कुशवाहा गेट को धक्का देकर खोलने की कोशिश करते और कलेक्टर से किसानों की समस्याएं सुनने का अनुरोध करते दिखाई दे रहे हैं।

इस पर, श्रीवास्तव ने कथित तौर पर विधायक की ओर उंगली उठाई और उन्हें अपनी ‘औकात’ में रहने को कहा। विधायक ने जवाब में कलेक्टर को मुक्का मारने की कोशिश की और कहा, ‘तुम मुझे नहीं जानते’।

कलेक्टर ने कहा, ‘मैं रेत की चोरी नहीं होने दूंगा,’ जिस पर विधायक ने उन्हें ‘सबसे बड़ा चोर’ करार दिया। इस तीखी बहस के बीच, सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को एक-दूसरे से दूर रखने के लिए कड़ी मशक्कत की। यह वीडियो वायरल होने के बाद मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई हैं।

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