रायपुर। पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक बयान दिया था जिसकी बीजेपी ने जमकर आलोचना की थी। अब उस बयान की वजह से महुआ मोइत्रा एक नए विवाद में फंस गई हैं। अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 197 के तहत माना कैंप पुलिस स्टेशन रायपुर में एफआईआर दर्ज की गई है।
सौंपा गया था ज्ञापन- सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा देश के गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ दिए गए कथित बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजधानी रायपुर के गोपाल सावनेर ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। आवेदक का कहना है कि महुआ मोइत्रा ने जिस तरह गृहमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी की उससे समाज में आक्रोश और तनाव फैल सकता है। इसे देशद्रोह और दंडनीय अपराध बताते हुए उन्होंने बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
CM साय ने विपक्ष पर साधा निशाना- इस मामले पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे विपक्ष की दूषित मानसिकता का प्रमाण विपक्ष की दूषित मानसिकता का परिचायक बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर की गई टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे देश की गरिमा और राष्ट्रीय चेतना पर हमला है। न केवल यह आपत्तिजनक है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री देश की सुरक्षा और एकता के सर्वोच्च प्रहरी हैं और उन पर इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी वास्तव में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान है।
क्या है विवाद?- बता दें कि कुछ दिनों पहले महुआ मोइत्रा का बेहद ही आपत्तिजनक और हैरान कर देने वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में उन्होंने कहा था कि, अगर अमित शाह बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने में नाकाम रहते हैं, तो “सबसे पहले अमित शाह का सिर काटकर अपनी मेज पर रखना चाहिए।” इस दावे वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन अभी तक यह साफ़ नहीं है कि वीडियो असली है या नहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोइत्रा ने यह बयान गुरुवार को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दिया था।
सामने आया था वीडियो – टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रही है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता गोपाल सामंतो ने कहा कि मोइत्रा का बयान आपत्तिजनक और असंवैधानिक है। शिकायत में यह भी लिखा गया है कि 1971 में रायपुर के माना कैंप इलाके में कई बांग्लादेशी शरणार्थी बसे थे। मोइत्रा के बयान से इन शरणार्थियों में डर पैदा हो गया है, क्योंकि इस तरह की बातें अन्य समुदायों को उनके खिलाफ भड़का सकती हैं।







