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उत्तर प्रदेश

UP सरकार ने बजट में बच्चों के लिए किए बड़े ऐलान : मुफ्त कोचिंग सहित बांटे जाएंगे टैबलेट, छात्राओं को स्कूटी के लिए 400 करोड़

उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में बच्चों के लिए बड़े ऐलान किए हैं। विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यूपी में नई योजनाएं के लिए 750 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

युवाओं को टैबलेट बांटे जाएंगे। सुरेश खन्ना ने बताया कि फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केंद्रों पर 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है।

इसके अलावा, माध्यमिक शिक्षा के लिए 22167 करोड़ की योजना प्रस्तावित है। उच्च शिक्षा के लिए 6195 करोड़ की योजना प्रस्तावित है। छात्राओं को 400 करोड़ से स्कूटी दी जाएंगी।

युवाओं के लिए यह योजनाएं

  • उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा विगत 5 वर्षों में  9.25 लाख युवाओं को विभिन्न अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षित करते हुए प्रमाणीकृत किया गया। जिनमें से 4.22 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया है।
  • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केन्द्रों पर 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है।
  • युवाओं को सरकारी नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सहभागिता प्रदान करने हेतु 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
  • स्वामी विवेकानन्द  युवा-सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत अब तक 49 लाख 86 हजार टैबलेट/स्मार्टफोन निशुल्क वितरित किए जा चुके हैं।
  • प्रदेश में अब तक 90,000 मंगल दलों को प्रोत्साहन स्वरूप खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

टैबलेट/स्मार्ट फोन के लिए 2,374 करोड़ रुपये  की व्यवस्था

  • अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिये 27,103 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।
  • मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना हेतु 5,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित हैै।
  • स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण की प्रक्रिया गतिमान है। इस योजना हेतु 2,374 करोड रूपये  की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत अवस्थापना विकास हेतु 2,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • फॉंरेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेन्ट एवं फॉंर्च्यून-500 कम्पनियों के निवेश हेतु घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 1,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना हेतु एमओयू हस्ताक्षरित किये गये हैं, जिसमें 35,280 करोड़ का निवेश एवं 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार अनुमानित है।

बेसिक शिक्षा के लिए ऐलान

  • बेसिक शिक्षा के लिए 77,622 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • परिषदीय विद्यालयों के कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को निशुल्क यूनिफार्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा एवं स्टेशनरी उपलब्ध कराए जाने की योजना हेतु 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों की स्थापना आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप की जा रही है।
  • प्रदेश के सभी 76 जनपदों के प्रत्येक जनपद में एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • जिन विकास खण्डों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय स्थापित नहीं हैं उनमें आवासीय बालिका विद्यालय की स्थापना की नई योजना हेतु 580 करोड रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं संविदा या मानदेय आधारित कार्मिकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की नई योजना लाई जा रही है जिसके लिए लगभग 358 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत राज्य निधि से सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किए जाने की नई योजना हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • सहायत्ता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की सुरक्षा ऑडिट में अधो मानक पाये जाने वाले विद्यालयों के अनुरक्षण की नई योजना हेतु 300 करोड रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

चिकित्सा शिक्षा के लिए ऐलान

  • चिकित्सा शिक्षा के लिये 14,997 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं।
  • वर्तमान में 60 जनपद मेडिकल कालेज की सुविधाओं से आच्छादित हैं। 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कालेजों की स्थापना पी0पी0पी0 पद्धति से की जानी है।
  • राजकीय तथा निजी क्षेत्र के मेडिकल चिकित्सा संस्थानों में एम0बी0बी0एस0 सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 4,540 थी जिसे बढ़ाकर 12,800 किया गया।
  • राजकीय तथा निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 1,221 थी जिसे बढ़ाकर 4,995 किया गया।
  • 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु 1023 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिये 315 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • असाध्य रोगों के इलाज के लिये  निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

वित्तीय वर्ष 2026-2027

  • वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार  9,12,696.35 करोड़ रुपये (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रूपये) है जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है।
  • शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है।
  • 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हें केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है, के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी।
  • राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋणदृजीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था।
  • परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया।

श्रमिक कल्याण

  • अपने घर, गांव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा।
  • एक्स-ग्रेशिया अनुदान के अंतर्गत दिनांक 26.08.2021 से दिनांक 31.03.2022 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 01 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
  • प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया।
  • रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है।

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