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उत्तर प्रदेश

आकांक्षा हत्याकांड का खुलासा : प्रेमी व उसका दोस्त गिरफ्तार, लाश को सूटकेस में भरकर फेंक दिया था यमुना में

कानपुर में दो माह पहले हुए सनसनीखेज आकांक्षा हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने युवती की हत्या के मामले में प्रेमी और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने 21 जुलाई को युवती की हत्या कर लाश को सूटकेस में भरकर बाइक से बांदा के चिल्लाघाट में यमुना में फेंक दिया था।

कानपुर में रेस्टोरेंट कर्मी आकांक्षा का हत्यारोपी सूरज लगभग दो माह तक लोगों को गुमराह करता रहा। उसने परिजनों के साथ मिलकर आकांक्षा को ढूंढने का नाटक भी किया। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो कहा कि 21 जुलाई को रेस्टोरेंट में विवाद के बाद उसकी मुलाकात नहीं हुई। हालांकि पुलिस ने सीडीआर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उस रात दोनों के साथ होने की पुष्टि कर सख्ती से पूछताछ की तो सब कबूल कर लिया।

हनुमंत विहार थानाध्यक्ष राजीव सिंह के अनुसार, सूरज ने बताया कि बाइक से चिल्ला घाट जाने और वहां से लौटने के बाद वह सीधे सेंट्रल स्टेशन गया जहां उसने बिहार की ओर जा रही एक ट्रेन के डिब्बे में आकांक्षा का मोबाइल स्विच ऑफ कर छिपा दिया ताकि किसी को उस पर शक न हो।

आरोपी सूरज को अंदेशा था कि पुलिस जब उसके मोबाइल की लोकेशन निकालेगी तो ट्रेन के सफर में होने के कारण लोकेशन भी बदलती रहेगी। उसने कहा कि उसके दूसरी युवती के साथ संबंधों की जानकारी होने से वह बेहद खफा थी। शादी का दबाव बना रही थी। टालने पर उन दोनों के साथ की तस्वीरों को वायरल करने व झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।

शव फेंकने के पहले सूटकेस के साथ सेल्फी लेकर लगाया था स्टेटस- प्रेमी सूरज ने बताया कि कमरे में दोनों का जोरदार झगड़ा हुआ। इस दौरान उसकी छाती पर ताबड़तोड़ घूंसे मारे फिर गला दबा दिया। शव को सूटकेस में भरकर बांदा के चिल्ला घाट ले गए। वहां यमुना में शव फेंकने के पहले सूटकेस के साथ सेल्फी लेकर स्टेटस भी लगाया था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से वह फोटो बरामद कर ली है। शव की तलाश कराई जा रही है। हालांकि बड़े सूटकेस के साथ स्टेटस देखकर भी किसी ने शक नहीं जताया।

मां का आरोप… सूरज करता था बेटी को परेशान- सुजनीपुर निवासी आकांक्षा उर्फ माही (20) की मौत पर उसकी मां विजयश्री, भाई सूरज, आदर्श, बहन प्रतीक्षा रो-रोकर बेहाल हैं। विजयश्री ने बताया कि 20 जून 2024 को बेटी आकांक्षा पड़ोसी की बेटियों के साथ कानपुर नगर के एक रेस्टोरेंट में काम करने के लिए गई थी। रेस्टोरेंट में साथ काम करने वाला सूरज उत्तम बेटी को परेशान करता था। 

इससे तंग आकर बेटी हनुमंत विहार क्षेत्र के दूसरे होटल में नौकरी करने लगी। 21 जुलाई को उनकी बेटी से फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद कई दिन से फोन न आने पर तलाश शुरू की। आठ अगस्त को नौबस्ता थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

सूरज पर शक जाहिर किया था। कई बार थाना के चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर आठ सितंबर को सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने सूरज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया।

कानपुर देहात के रूरा थाना इलाके के सुजनीपुर निवासी विजयश्री की बेटी आकांक्षा (20) अपनी बड़ी बहन के साथ बर्रा में किराये के घर पर रहती थी। आकांक्षा की इंस्टाग्राम पर फतेहपुर के बिंदकी थाना इलाके के हरीखेड़ा निवासी सूरज से साल भर पहले दोस्ती हो गई। आकांक्षा दस माह पहले हनुमंत विहार स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करने लगी।

सूरज का दूसरी लड़की से अफेयर… आकांक्षा को हो गई थी जानकारी
बर्रा स्थित घर से रेस्टोरेंट की दूरी ज्यादा होने का बहाना बनाकर सूरज ने आठ माह पहले आकांक्षा को हनुमंत विहार में किराये पर कमरा दिलवा दिया। 21 जुलाई की शाम को आकांक्षा को सूरज के दूसरी लड़की से प्रेम संबंधों की जानकारी हुई। इस पर रात में कमरे में पहुंचने पर आकांक्षा और सूरज के बीच विवाद हुआ।

शव को ठिकाने लगाने के लिए दोस्त की ली मदद- इस पर सूरज ने आकांक्षा की छाती पर ताबड़तोड़ घूंसे मारे और गला दबाकर मार डाला। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए सूरज ने फतेहपुर के जाफरगंज थानाक्षेत्र के खानपुर कदीम निवासी दोस्त आशीष को घर बुलाया। इसके बाद शव सूटकेस में रखकर बाइक से बांदा के चिल्लाघाट लेकर पहुंचे और यमुना में फेंक दिया।

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