नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमीनियम ने झारसुगुड़ा, लांजीगढ़ और बाल्को (BALCO) में कई जागरूकता और कम्युनिटी एंगेजमेंट कार्यक्रमों के ज़रिए ‘विश्व ओजोन दिवस’ मनाया। इन कार्यक्रमों में 200 से ज़्यादा छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों, कर्मचारियों और बिज़नेस पार्टनर्स ने हिस्सा लिया, ताकि ऊर्जा के ज़िम्मेदार इस्तेमाल और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके। UN की 2026 की थीम ‘ग्लोबल एक्शन फॉर ए कूलर प्लैनेट’ (ठंडे ग्रह के लिए वैश्विक कार्रवाई) के अनुरूप, इन कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों को जलवायु-अनुकूल तरीके अपनाने और ज़्यादा सस्टेनेबल भविष्य की दिशा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस मौके पर वेदांता एल्युमीनियम के CEO राजेश कुमार ने कहा, “भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी होने के नाते, हम पर्यावरण पर अपने असर को कम करते हुए सस्टेनेबल ग्रोथ को आगे बढ़ाने की अपनी ज़िम्मेदारी को समझते हैं। हम अपने सभी ऑपरेशन्स में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के इस्तेमाल को तेज़ी से बढ़ा रहे हैं, संसाधनों के इस्तेमाल की क्षमता को बेहतर बना रहे हैं और डीकार्बोनाइज़ेशन की दिशा में अपनी यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। विश्व ओजोन दिवस कर्मचारियों, पार्टनर्स और युवाओं को यह समझने में शामिल करने का एक मौका है कि कैसे सामूहिक कार्रवाई एक स्वस्थ ग्रह और ज़्यादा सस्टेनेबल भविष्य में मदद कर सकती है।”
कोरबा में वेदांता एल्युमीनियम की सब्सिडियरी कंपनी बाल्को (BALCO) में, जागरूकता सत्रों के ज़रिए कर्मचारियों और बिज़नेस पार्टनर्स को सस्टेनेबल कूलिंग और ऊर्जा-कुशल तरीकों पर चर्चा में शामिल किया गया। ‘कूलिंग चैलेंज’ के तहत, प्रतिभागियों को ऐसे व्यावहारिक उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया जो ऊर्जा की खपत को कम करें और पर्यावरण की सस्टेनेबिलिटी में मदद करें, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक असर डालने में व्यक्तिगत कार्रवाई की भूमिका को और मज़बूती मिले।
वेदांता एल्युमीनियम के लांजीगढ़ ऑपरेशन्स में, यह आयोजन ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (OSPCB) के सहयोग से किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए छात्र और कर्मचारी एक साथ आए। DAV वेदांता स्कूल के 50 से ज़्यादा छात्रों ने पोस्टर-मेकिंग और कलरिंग प्रतियोगिताओं के ज़रिए ओज़ोन संरक्षण के बारे में अपनी समझ का प्रदर्शन किया; बेहतरीन एंट्रीज़ को OSPCB, रायगडा के क्षेत्रीय अधिकारी ने सम्मानित किया। क्लासरूम से आगे बढ़कर बातचीत को बढ़ाते हुए, कर्मचारियों ने वैश्विक पर्यावरण पहलों और ज़्यादा सस्टेनेबल भविष्य को बढ़ावा देने में व्यक्तिगत कार्रवाई की भूमिका पर एक जागरूकता सत्र में भाग लिया, जिसका समापन पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार तरीकों को अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।
झारसुगुड़ा में, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पर्यावरण की देखभाल और संरक्षण के कामों में शामिल करना था। पूर्णा हाई स्कूल के लगभग 150 छात्रों और शिक्षकों ने जागरूकता गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिनमें सीखने और काम करने का मेल था। इन गतिविधियों में पेड़ लगाने का अभियान और ओज़ोन की सुरक्षा व संरक्षण पर ड्राइंग प्रतियोगिता शामिल थी। इस पहल के दौरान लगभग 20 पौधे लगाए गए। कर्मचारियों की मदद से शुरू की गई इस पहल ने छात्रों के लिए पर्यावरण के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी पर सोचने का एक इंटरैक्टिव मंच तैयार किया और साथ ही पूरे स्कूल समुदाय में पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विश्व ओज़ोन दिवस मनाना वेदांता एल्युमीनियम की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) की व्यापक यात्रा का हिस्सा है, जिसमें ऑपरेशनल पहल और समुदाय के साथ जुड़ाव दोनों शामिल हैं। पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के साथ-साथ, कंपनी ने FY2021 से अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की तीव्रता में 8.96% की कमी की है, 14.6 मिलियन टन कचरे को रीसायकल किया है, और FY2025 में फ्लाई ऐश का 100% से ज़्यादा इस्तेमाल हासिल किया है। 2030 तक 1,500 MW रिन्यूएबल पावर (नवीकरणीय ऊर्जा) हासिल करने और 2050 तक नेट ज़ीरो कार्बन का लक्ष्य रखने वाली वेदांता एल्युमीनियम, पर्यावरण के लिए लंबे समय तक चलने वाला मूल्य बनाने के साथ-साथ ज़िम्मेदार विकास को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।







