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छत्तीसगढ़

5 रुपए के वैष्णो देवी छाप सिक्के के बदले 85 लाख और ट्रैक्टर छाप नोट के बदले एक करोड़ का लालच, दो आरोपी गिरफ्तार

पुराने सिक्के और नोट के बदले करोड़ों रुपये दिलाने का झांसा देकर 1.68 लाख की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने राजस्थान के दो आरोपियों को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है।

कबीरधाम जिले में सोशल मीडिया पर पुराने सिक्के और नोट के बदले लाखों-करोड़ों रुपये मिलने का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का कबीरधाम साइबर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर निवासी मोहम्मद नजीम और मोहम्मद रोहिल को तेलंगाना के निजामाबाद जिले के आरमूर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए एप्पल आईफोन समेत पांच महंगे मोबाइल फोन और करीब ढाई लाख रुपये कीमत की संपत्ति जब्त की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को पुराने सिक्के और नोट के बदले भारी रकम दिलाने का झांसा देते थे।
5 रुपए के सिक्के के बदले 85 लाख का दिखाया सपना :  पुलिस के मुताबिक अगस्त 2026 में प्रार्थी इंस्टाग्राम पर रील्स देख रहा था। इसी दौरान उसे एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसमें दावा किया गया था कि 5 रुपये के वैष्णो देवी छाप सिक्के के बदले 85 लाख रुपये और 5 रुपये के ट्रैक्टर छाप नोट के बदले 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपियों ने खुद को मुंबई का रहने वाला बताया। इसके बाद पुराने सिक्के और नोट की फोटो व्हाट्सऐप पर मंगाई गई।

सरकारी फीस से लेकर कस्टम ड्यूटी तक के नाम पर वसूली :  पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सिक्के और नोट खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर पहले आधार कार्ड और फोटो मांगे। इसके बाद ठगी का सिलसिला शुरू हुआ। आरोपियों ने सरकारी शुल्क, जीपीएस रिचार्ज, इंजन वेरिफिकेशन, कस्टम ड्यूटी, रसीद और बीमा समेत अलग-अलग बहाने बनाए और लगातार रकम जमा कराई। प्रार्थी ने अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 68 हजार 269 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद आरोपियों की रकम की मांग जारी रही। इसके बाद प्रार्थी को ठगी का शक हुआ और उसने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

‘राज ज्ञानी’ नाम से बनाया था फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल :  शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने बैंकिंग डिटेल, मोबाइल नंबर, यूपीआई और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू किया। जांच के दौरान आरोपियों का कनेक्शन तेलंगाना के आरमूर क्षेत्र से मिला। इसके बाद साइबर पुलिस की टीम ने फतेहपुर क्षेत्र में किराए के कमरे से दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर ‘राज ज्ञानी’ नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को पुराने सिक्के और नोट के बदले भारी रकम दिलाने का झांसा देने की बात स्वीकार की।

कई राज्यों में ठगी का सामने आया कनेक्शन :  पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी मोबाइल सिम, अलग-अलग बैंक खातों, यूपीआई और क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते थे। जांच के दौरान दूसरे राज्यों में भी इसी तरीके से लोगों से ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ठगी के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

पुराने सिक्के-नोट के नाम पर ठगी से रहें सावधान :  कबीरधाम साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर पुराने सिक्के या नोट के बदले असामान्य रूप से लाखों-करोड़ों रुपये दिलाने वाले विज्ञापनों पर भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर आधार कार्ड, फोटो, बैंक डिटेल या ओटीपी जैसी जानकारी साझा न करें और किसी भी तरह की ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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