हापुड़। पानी की सीलबंद बोतल में कथित रूप से तेजाब निकलने के सनसनीखेज मामले की जांच अब चार अधिकारियों की संयुक्त टीम करेगी। जिलाधिकारी कविता मीना के निर्देश पर गठित टीम पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उधर, मेरठ के अस्पताल में भर्ती शिक्षिका की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने भी मामले में पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
दिल्ली रोड स्थित अर्जुन नगर की रहने वाली शिक्षिका ने अपने बयान में बताया कि वह शुक्रवार शाम एक सर्राफा दुकान पर खरीदारी करने गई थीं। प्यास लगने पर दुकानदार ने पड़ोस की कंफैक्शनरी से सीलबंद ठंडी पानी की बोतल मंगवाई। शिक्षिका के अनुसार, जैसे ही उन्होंने बोतल से एक घूंट पानी पिया, उनके गले और मुंह में तेज जलन होने लगी। पीड़िता ने बताया, पहले तो समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या पी लिया है? कुछ ही क्षण बाद असहनीय जलन शुरू हो गई। बाद में पता चला कि बोतल में पानी नहीं, तेजाब था। इसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई और स्वजन उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल तथा फिर गंभीर हालत में मेरठ के अस्पताल ले गए, जहां उनका उपचार चल रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने चार अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। टीम यह पता लगाएगी कि बोतल में कथित रूप से तेजाब कैसे पहुंचा, कहीं पैकिंग या सप्लाई श्रृंखला में लापरवाही तो नहीं हुई और घटना के लिए जिम्मेदार कौन है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के डीओ चंद्रशेखर मिश्रा ने पुलिस से मामले की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, वहीं पुलिस भी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल मामले में शिकायत और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







