Home » 16 माह में विकास को मिली रफ्तार : महापौर ने गिनाई उपलब्धियां, 537 करोड़ के विकास कार्यों का दिया ब्यौरा
कोरबा

16 माह में विकास को मिली रफ्तार : महापौर ने गिनाई उपलब्धियां, 537 करोड़ के विकास कार्यों का दिया ब्यौरा

कोरबा। महापौर संजू देवी राजपूत ने बुधवार को पंचवटी स्थित कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर निगम की उपलब्धियों और आगामी विकास योजनाओं की जानकारी दी। महापौर संजू देवी राजपूत ने अपने 16 माह के कार्यकाल की उपलब्धियों, आगामी विकास योजनाओं और नगर निगम के नवाचारों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। जारी जानकारी के अनुसार निगम क्षेत्र के सभी 67 वार्डों में सड़क, नाली, पेयजल, बिजली सहित बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए अब तक 537 करोड़ 434 लाख रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें 76 कार्य पूर्ण, 149 कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 209 कार्यों का शुभारंभ जल्द किया जाएगा।

महापौर ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत सभी 67 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के लिए 115 कार्यों पर 36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है और इनकी निविदा प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि शहर की बहुप्रतीक्षित गौरव पथ परियोजना के तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से जैन चौक से आईटीआई चौक होते हुए कोसाबाड़ी चौक तक सड़क निर्माण का कार्य इसी माह शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कोसाबाड़ी-घंटाघर-सीएसईबी चौक से सुनालिया पावर हाउस रोड तक डामरीकरण का टेंडर हो चुका है और बारिश के तुरंत बाद काम प्रारंभ होगा। साथ ही जिला खनिज न्यास मद से लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख सड़कों के जीर्णोद्धार और डामरीकरण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

महापौर ने अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। इनमें 22 करोड़ रुपये की लागत से सुनालिया ओवरब्रिज से अग्रसेन चौक तक सड़क एवं पुल निर्माण, सर्वमंगला पुल से दर्री डैम तक फोरलेन सड़क, कोसाबाड़ी चौक से रिसदी चौक तक 36 करोड़ रुपये की सड़क तथा आईटीआई चौक रामपुर से बालको चेकपोस्ट रेलवे फाटक तक 36 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ निर्माण जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
महापौर ने कहा कि निगम का लक्ष्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि शहर के प्रत्येक वार्ड में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाते हुए सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना है।

 अन्य प्रस्तावित कार्य
1. इसी प्रकार 22 करोड़ रूपये की लागत से सुनालिया ओव्हर ब्रिज एवं पुल से अग्रसेन चौक तक सड़क एवं पुल का निर्माण कार्य स्वीकृत हो चुका है। सर्वमंगला पुल से राताखार पुल होते हुये दर्री डेम तक फोरलेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। निगम क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के तहत कोसाबाड़ी चौक से रिसदी चौक तक 36 करोड़ रूपये की लागत से सड़क का निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, जिसकी शीघ्र स्वीकृति प्राप्त होने जा रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत आईटीआई चौक रामपुर से बालको चेकपोस्ट रेलवे फाटक तक 36 करोड़ रूपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

युवाओ हेतु खेल के क्षेत्र में
खेलकूद गतिविधियों को प्रोत्साहन व सुविधाएं उपलब्ध कराने के मद्देनजर जिला खनिज न्यास मद से इंदिरा स्टेडियम टी. पी. नगर में 16 करोड रूपये की लागत से हॉकी स्टेडियम, 32 करोड रूपये की लागत से इंडोर स्टेडियम, 02 करोड़ रूपये की लागत से बाक्स किकेट, 14 करोड़ रूपये की लागत से पी.जी. कालेज में सिंथेटिक्स रनिंग ट्रेक आदि के निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, जिनकी शीघ्र ही स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी।

कोरबा में पहली बार कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का निर्माण (इंडोर-10 मीटर, आउट डोर 25 मीटर व 50 मीटर) का निर्माण कराया गया है तथा कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी की स्थापना की गई है, इससे रायफल शूटिंग के खिलाड़ियों व निशानेबाजों को अपने अभ्यास हेतु शहर में पहली बार एक सुव्यवस्थित शूटिंग रेंज उपलब्ध हो चुका है, जहाँ पर अभ्यास कर वे आगे चलकर नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर अपनी प्रतिभा स्थापित कर सकेंगे।

सफाई व्यवस्था एवं स्वच्छता
1. स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में कोरबा देश के टाप-10 स्वच्छ शहरों में शामिल हुआ तथा स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वें स्थान का सम्मान अर्जित किया। बीते 01 वर्ष में शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में गुणात्मक सुधार देखने को मिला तथा शहर के कचरा डम्पिंग प्वाइंट समाप्त किये गये आज इन डम्पिंग प्वाइंट के स्थान पर स्माल गार्डन नजर आ रहे हैं. इस 01 वर्ष की अवधि में डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण की व्यवस्था मजबूत की गई है तथा कचरे का उचित प्रबंधन भी सुनिश्चित कराया गया है। संसाधनों को अपडेट किया गया, तो वहीं अपशिष्ट संग्रहण हेतु 80 नग इलेक्ट्रानिक रिक्शा संसाधन बेड़े में शामिल किये गये तो वहीं 02 नग अत्याधुनिक मोबाईल टायलेट भी उपलब्ध कराये गये।

कोरबा शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार, सफाई व्यवस्था सुदृढ व्यापक जनजागरूकता के साथ स्वच्छता शपथ के एक ही बैनर पर केवल 20 में मिनट में 15,500 से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर प्राप्त कर कोरबा ने गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया तथा रेयर-टू-रेयरेस्ट रिकार्ड का ताज पहना।

शहर में प्रतिदिन उत्सर्जित गीले कचरे से बायो गैस बनाने हेतु बायो गैस संयंत्र स्थापना का प्रोजेक्ट तैयार किया गया हैं, इस प्रोजेक्ट का नगर पालिक निगम कोरबा सी.जी. बायो फ्यूल एवं गेल इंडिया के बीच एम ओ.यू. भी सम्पन्न हो चुका है। इससे एक ओर जहाँ गीले कचरे का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर बायो गैस के रूप में एक महत्वपूर्ण विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।

निगम के समस्त 16 एस.एल.आर.एम. सेंटरों के उन्नयन का कार्य लगभग 08 करोड़ रूपये की लागत से प्रगति पर है, वहीं शहर के 10 किलोमीटर की सडकों की सफाई रोड स्वीपिंग मशीन के माध्यम से की जा रही है, इसके साथ ही अतिरिक्त 12 किलोमीटर सड़कों की सफाई भी रोड स्वीपिंग मशीन से किये जाने का कार्य प्रस्तावित है, जिसके लिये दूसरी मशीन का क्रय कर लिया गया है।

निगम क्षेत्र के 55 हजार मकानों में डस्टबिनों का वितरण का कार्य भी प्रस्तावित है, जिस पर कार्यवाही की जारही है ताकि आवासगृहों के मालिक घरों से उत्सर्जित गीले व सूखे कचरे को डस्टबिन में अनिवार्य रूप से डालें तथा सड़क, नाली आदि में कचरा न फेंका जाए।

शहर के 11 बडे नालों से उत्सर्जित गंदे पानी को हसदेव नदी में मिलने से रोकने तथा उक्त गंदे पानी का शुद्धीकरण कर पुनः उपयोग हेतु 33 एम.एल.डी. क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इससे इन 11 बड़े नालों से प्रतिदिन भारी मात्रा में उत्सर्जित गंदे पानी को हसदेव नदी में मिलने से रोका जा सकेगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी, इसकी लागत राशि रूपये 165 करोड़ है, इस कार्य को अगस्त 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से उपचारित किये गये जल को एनटीपीसी को 07 रूपये 50 पैसे प्रति किलोलीटर की दर पर विक्रय किया जाएगा, एनटीपीसी के मानकों के अनुरूप जल का शुद्धिकरण सुनिश्चित करने के लिये 211 करोड़ रूपये की लागत से 20 एमएलडी का टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाएगा, जिसकी कार्यप्रक्रिया व निविदा प्रक्रिया प्रगतिरत है, इससे एक ओर जहाँ शुद्धिकृत जल का उपयोग सुनिश्चित होगा, वहीं दूसरी ओर निगम को स्थाई रूप से आय भी प्राप्त होगी।

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद से 80 ई-रिक्शा का क्रय कर स्वच्छता दीदियों को उपलब्ध कराये गये हैं, जिनका उपयोग डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण में किया जा रहा है, ई-रिक्शों के उपयोग से ग्रीन कोरबा के विकास व संकल्पना को बल मिल रहा है।

 बिजली / लाईट व्यवस्था
स्ट्रीट लाईट व्यवस्था अंतर्गत साकेत भवन तानसेन चौक से शास्त्री चौक, सुभाष चौक, घंटाघर, बुधवारी, सीएसईबी चौक होते हुये कोरबा शहर व सीतामणी चौक तक पूर्व में स्थापित कम क्षमता की स्ट्रीट लाईटों के स्थान पर अधिक क्षमता की नई स्ट्रीट लाईटें लगाई गई हैं, जिससे शहर के सम्पूर्ण मुख्य मार्ग में सड़क रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इसी प्रकार ओपन थियेटर घंटाघर, भवानी मंदिर के समीप, सर्वमंगला मंदिर के पास तथा जोडा पुल राताखार में पर्याप्त रोशनी व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने के मद्देनजर हाई मास्ट लाईटों की स्थापना भी की जा रही है, वहीं निगम के सभी 67 वार्डों में 5000 स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य भी प्रगति पर है साथ ही नगर निगम के सभी 67 वार्डो में प्रकाश व्यवस्था हेतु महापौर निधि से भी 50 लाख की स्वीकृति की गई है।

निगम क्षेत्र में विद्युत खंभों के विस्तार व विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने के मद्देनजर सुभाष चौक से पोडीबहार मुक्तिधाम तक 40 विद्युत खंभे, रविशंकर नगर से बिरसामुंडा मार्ग में 40 विद्युत खंभे, सीतामणी हटरी से गौमाता चौक तक 60 विद्युत खंभे, घंटाघर से रविशंकर नगर एस.ई.सी. एल. गेट तक 70 विद्युत खंभे, स्याहीमुड़ी एजुकेशन हब रोड पर 75 विद्युत खंभे, सरदार वल्लभभाई पटेलनगर अंतर्गत 50 विद्युत खंभे तथा जोडा पुल से राताखार मुख्य मार्ग तक 50 विद्युत खंभे स्थापित किये जाने का कार्य किया जा रहा है।
जिला खनिज न्यास से दर्री बाजार में 16 मीटर हाईमास्ट लाईट, रिसदी चौक में 30 मीटर हाईमास्ट लाईट, बरबसपुर चौक में 30 मीटर हाईमास्ट लाईट, सर्वमंगला चौक से चन्द्रनगर तिराहा तक स्ट्रीट लाईट, बरमपुर चौक में 18 मीटर हाईमास्ट लाईट, ईमलीछापर चौक में 30 मीटर हाईमास्ट लाईट, सर्वमंगला चौक में 30 मीटर हाईमास्ट लाईट का भी प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है जिसे जल्द ही प्रक्रिया में ला करके स्थापना कार्य किया जायेगा।

पेयजल व्यवस्था
जिला खनिज न्यास मद से 32 करोड रूपये की लागत से 20 एमएलडी क्षमता के जल उपचार संयंत्र का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में निगम द्वारा पेयजल आवर्धन भाग-1 के अंतर्गत 32 एमएलडी, 12 एमएलडी व 6.81 एमएलडी जल उपचार संयंत्रों का संचालन कर जलापूर्ति की जा रही है। 6.81 एमएलडी के पुराने जल उपचार संयंत्र के स्थान पर अब 20 एमएलडी का नया जल उपचार संयंत्र स्थापित होगा तथा इसके माध्यम से निगम क्षेत्र की ऐसी सुदर बस्तियाँ जहाँ पर पेयजल की किल्लत है। उन बस्तियों तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चीत की जा सकेगी तथा इस संयंत्र के माध्यम से मोतीसागरपारा, इमलीडुग्गु, भिलाईखुर्द, दादरखुर्द, मानिकपुर, खरमोरा, पीएम आवास दादर, बेलगिरी बस्ती रूमगरा, कोहडिया एवं प्रगतिनगर की लगभग 58000 आबादी को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

15वे वित्त आयोग अंतर्गत लगभग 08 करोड रूपये की लागत के विभिन्न वार्डों में पाईप लाईन विस्तार के कार्य एवं 03 नग उच्च जलागार का निर्माण का कार्य भी स्वीकृत है।

जल संरक्षण के प्रति जागरूकता व वर्षो से लंबित जलकर की वसूली हेतु “मिशन वरूण” योजना का सफल संचालन कराया जा रहा है, इससे वर्षो से लंबित निगम के जलकर की वसूली में अपेक्षित वृद्धि हुई है तथा निगम की आय बढ़ी है। जल संरक्षण व भू-जल स्तर को ऊपर उठाने के मद्देनजर भारत सरकार की अभिनव योजना “कैच द रेन” के तहत निगम क्षेत्र में 10 स्थानों पर रिचार्जेवल वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से बरसाती पानी का संचयन एवं उसे भूमि के अंदर प्रवाहित किये जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य होगा तथा कोरबा के भू-जल स्तर में वृद्धि होगी।

आवास एवं व्यवस्थापन
नगर निगम कोरबा के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सर्वाधिक स्वीकृति का श्रेय कोरबा शहर को प्राप्त हुआ है। नगर पालिक निगम कोरबा को फेस-2 श्री मोदी की अति महत्वपर्ण योजना प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत 3022 आवासगृहों के डीपीआर का लक्ष्य दिया गया था। जिसके विरूद्ध निगम द्वारा निर्धारित समय में 4027 आवासगृहों की स्वीकृति कराई गयी। इससे गरीब, निर्धन जरूरतमंद व पात्र अधिक से अधिक हितग्राहियों को पक्के आवासगृह प्राप्त होने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

पीएम स्वनिधि योजनांतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स शहरी पथ विक्रेताओं को उनके रोजगार हेतु ऋण व आर्थिक सहायता दिये जाने हेतु दिये गये लक्ष्य के विरुद्ध 40 प्रतिशत का लक्ष्य अभी तक प्राप्त कर लिया गया है।

शहर के प्रमुख घंटाघर चौक के आसपास व्यापार करने वाले लघु व्यापारी जो सड़क के किनारे अस्थायी रूप से छोटा व्यापार करके अपना जीवन यापन करते थे उन्हें वहां से व्यवस्थापित कर बुधवारी बाजार के सामने एक नया मार्केट आनंद बाजार में पक्का दुकान प्रदान कर विकसित किया गया। जिसमें हमारें छोटे व्यापारी भाई जो मोबाईल कवर, रिपेरिंग, कपड़ा दुकान या अन्य छोटी छोटी चीजों का व्यापार करते थे उन्हें व्यवस्थित कर स्थाई किया गया।

इसी प्रकार शहर के किनारे व फुटपाथ पर अवैध कब्जा कर व्यवसाय करने वाले लघु व्यवसायियों के व्यवस्थापन हेतु वेंडिंग जोनों का निर्माण एवं व्यवस्थापन कराया गया है, कोसाबाड़ी में वेंडिंग जोन का निर्माण पूर्ण हुआ है, इससे शहर की व्यवस्थाएं बदली हैं, आवागमन व्यवस्थित हुआ है तथा सड़कों के किनारे लगने वाली अनावश्यक भीड़ में कमी व दुर्घटना आदि की संभावनाएं क्षीण हुई है। इसके साथ ही रविशंकर शुक्लनगर जोन, दर्री जोन एवं कोरबा जोन में भी वेंडिंग जोन का निर्माण प्रस्तावित है।

नवाचार में क्या?
नवाचार को लेकर महापौर ने बताया कि  जिले के हमारे आम नागरिकों महिलाओं, बुजुर्ग, युवा एवं बच्चों, सभी के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक दृष्टि के मद्देनजर नगर निगम द्वारा भव्य रामलीला का आयोजन किया गया, जिसमें कोरबा का सौभाग्य रहा कि मुख्यमंत्री विष्णदेव साय भी सम्मीलित हुए। साथ ही कोरबा के हजारों नागरिकों ने भव्य रामलीला का रसपान किया। उक्त रामलीला के आयोजन में जगतगुरू आचार्य रामभद्राचार्य उपस्थित रहे। लोगों के उत्साह को देखते हुए इस वर्ष भी भव्य रामलीला का आयोजन किया जायेगा।

पेयजल, स्वच्छता व स्ट्रीट लाईट से जुडी समस्याओं का 24 घंटे के अंदर निराकरण हेत “महापौर की पाती” के नाम से व्यवस्था का सफल क्रियान्वयन कराया जा रहा है तथा इन सेवाओं से जड़ी शिकायतों का निराकरण नियत समय 24 घंटे के भीतर किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप आमजन की समस्याएं त्वरित गति से दूर हो रही है।

निगम द्वारा जनसमस्याओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता का विस्तार करते हुये “महापौर की पाती” योजना के साथ-साथ “कनेक्ट-टू-कमिश्नर की अभिनव योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके तहत सड़क, नाली, पानी, बिजली, अतिक्रमण अवैध कब्जा आदि से जुड़ी विभिन्न शिकायतों व समस्याओं का निराकरण त्वरित रूप से किया जा रहा है, इसके अंतर्गत शिकायत हेतु मोबाईल नम्बर जारी किया गया है।

25 जनवरी से 06 मार्च 2025 एवं 25 फरवरी से 11 अप्रैल 2026 तक लगातार शहर में स्वच्छता महाअभियान के तहत मेगा स्वच्छता ड्राईव का संचालन किया गया।

शहर के सभी कचरा डम्पिंग प्वाइंटों की समाप्ति तथा उन स्थानों पर मिनी गार्डनों का निर्माण कराया गया है। इससे शहर की सुंदरता बढ़ी है तथा शहर की स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार आया है।

निगम के 05 प्रमुख उद्यानों के संचालन/संधारण की जिम्मेदारी 05 बैंकों को देकर आम नागरिकों को निःशुल्क बेहतर उद्यानिकी, भ्रमण, मनोरंजन की सुविधायें उपलब्ध कराई गई हैं, जो बैंकों द्वारा अपने सीएसआर मद से पूरी की जा रही है। इस कदम से इन उद्यानों के संचालन में निगम द्वारा किये जाने वाले व्यय की राशि की बचत हो रही है, जिसका उपयोग वे अन्य विकास कार्यों में कर रहा है।

उन्होंने आगे बताया कि  शहर के वर्षो से उपेक्षित पड़े स्थलों के उत्थान व सौदर्गीकरण हेतु “किएटिव कॉर्नर” की शुरूआत की गई है, इससे शहर के उपेक्षित पड़े स्थलों की सुंदरता बढ़ी है।

कोरबा निगम के प्रमुख चौक-चौराहों में जहां यातायात के सिग्नल स्थापित है उनमें इंतजार करने वाले नागरिकों के सुविधाओं के देखते हुए वेटिंग शेड का निर्माण कार्य कराने की योजना है जिसमें सीएसईबी चौक में निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है अन्य प्रमुख चौक-चौराहों में भी कार्य प्रस्तावित है।

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा एनसीएपी मद से 02 ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये गये है, ई-वाहनों को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध ई-वाहनों को चार्जिंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, इससे ई-वाहनों के उपयोग के प्रति लोग आकर्षित होंगे, ई-वाहनों की संख्या बढ़ेगी तथा शहर में वाहनों से उत्सर्जित प्रदूषण में कमी आएगी।

मुख्य मार्गो के रोड डिवाईडरों में सघन पौधा रोपण व उनका संरक्षण संवर्धन कर सड़कों में ग्रीन कारिडोर का स्वरूप दिया गया, इससे ग्रीन कोरबा-हरित कोरबा स्वच्छ कोरबा-स्वस्थ कोरबा की संकल्पना को बल मिल रहा है।

केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत कोरबा को 40 ई-बसों की मंजूरी मिली। जल्द ही नागरिकों को सस्ती, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।

केन्द्र सरकार के नेशनल ग्रीन एयर प्रोग्राम एनसीएपी के तहत् ईवी चार्जिग स्टेशन की सुविधा। ई-बाइक, स्कूटी और ऑटो रिक्शा जैसे वाहनों को चार्ज करने में भी 5 से 6 घंटे तक का समय लगता है, लेकिन नगर पालिक निगम द्वारा लगाया गए चार्जिंग स्टेशन में वाहन 30 मिनट में ही फुल चार्ज होते है। घंटाघर में स्मृति उद्यान के समीप और सुनालिया चौक के आगे मल्टीलेवल पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इन दोनों ही स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को चार्ज करने के लिए अत्याधुनिक मशीनों को इंस्टॉल किया गया है। जहां प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन में एक समय में पांच वाहन चार्ज होंगे।

Search

Archives