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उत्तर प्रदेश

सीएम शुभेंदु पीए हत्याकांड : बलिया के आरोपी मोनू ने किया सरेंडर, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित कई राज्यों व थानों में दर्ज हैं 12 से अधिक आपराधिक मामले

बलिया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के प्रमुख शूटर ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने बलिया के गैंगस्टर्स कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर के दौरान मोनू सिंह ने कहा कि यूपी पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए सीबीआई के सामने हाजिर करने की बात कही। इसकी पुष्टि मोनू की पत्नी महिमा सिंह ने किया, कहा कि पति को फर्जी रूप से फंसाया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला :  ज्ञानेंद्र पर हत्याकांड में प्रयोग की गई कार खरीदने व नवीन को असलहा देने का आरोप है। यूपी एसटीएफ व सीबीआई टीम काफी दिनों से ज्ञानेंद्र की तलाश कर रही थी। वह जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक कर पूर्व में चल रहे गैंगस्टर मामले में कोर्ट में हाजिर हो गया। इसकी खबर लगते ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

ज्ञानेंद्र सिंह मोनू के हाजिर होने से एक घंटा पूर्व मोनू ने फेसबुक पर पोस्ट डाली थी, जिसमें वह पीएम व सीएम से चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में फर्जी रूप से फंसाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने की गुहार लगा रहा है। उसने गांव के एक व्यक्ति पर षणयंत्र रचने का आरोप लगाया। जांच के बाद ही पता चलेगा कि रथ हत्याकांड में मोनू का क्या भूमिका है।

ज्ञानेंद्र पर कई राज्यों व थानों में दर्ज हैं 12 से ज्यादा मामले :  रथ हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम के निर्देश पर यूपी एसटीएफ व फेफना पुलिस ने थमह्नपुरा गांव निवासी नवीन सिंह के पास से पांच असलहा व 45 कारतूस बरामद किया था। नवीन ने मोनू सिंह व भीखपुर निवासी गोलू सिंह पर हथियार देने का आरोप लगाया। जिसके बाद जांच टीम मोनू सिंह, गोलू सिंह व बालू गिट्टी व्यवसायी से कार खरीदवाने वाला फुलवरिया निवासी युवक की खोजबीन कर रही थी।

ज्ञानेंद्र मोनू पर बांसडीह रोड, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित कई राज्यों व थानों में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में गांव के मुकेश सिंह से जमीनी विवाद को लेकर फायरिंग का मामला आया था, जिसमें मोनू सहित अन्य पर विभिन्न धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था। उधर, पीए हत्याकांड में मोनू का नाम आने पर मुकेश सिंह की पत्नी रीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

विपक्षी पर लगाया था कार खरीदवाने व गाजीपुर भेजवाने का आरोप   
राज सिंह के गिरफ्तारी के बाद ज्ञानेंद्र सिंह मोनू अंडर ग्राउंड हो गया। नवीन के पास असलहा बरामद होने व उसका नाम आने के तीन चार दिन बाद मोनू का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। उसने अपने विपक्षी पर आरोप लगाया कि वह मुझे लेकर कोलकाता गया था। उसने ही मुझे कार दिलवाई थी। वह पीए हत्याकांड में मुझे फंसाना चाह रहा है।

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