कोलकाता। अलीपुरद्वार जिले में एक जंगली हाथी ने एक महीने की बच्ची सहित एक ही परिवार के तीन सदस्यों को मार डाला। वन विभाग के अधिकारी ने कहा कि विभाग मानव बस्तियों में घुसने वाले जंगली हाथियों को भगाने के प्रयास कर रहा है। स्थानीय लोगों को शामिल कर दस्ते बनाए जा रहे हैं। किसी को भी हाथी के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। मृतकों की पहचान मनोज दास (31) उनकी मां माखनरानी दास (63) और एक महीने की नवजात मनीषा दास के रूप में हुई है। घटना अलीपुरद्वार के फालाकाटा ब्लॉक के कूंजनगर इलाके की है।
जानकारी के अनुसार घटना के समय पीड़ित परिवार के घर में बिजली नहीं थी। देर रात घर के बाहर किसी जोरदार आवाज के कारण 32 वर्षीय मनोज दास बाहर निकले, तभी एक जंगली हाथी ने उन्हें कुचल दिया। मनोज की शोर सुनकर उनकी मां माखन रानी दास (63) अपनी नवजात पोती मनीषा दास को गोद में लेकर बाहर आईं, लेकिन घर के आंगन में ही पहले से मौजूद हाथी ने उन्हें भी कुचल डाला। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। शनिवार सुबह होते ही आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर आये और वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस इलाके में लगभग हर रात हाथियों का आतंक बना रहता है, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गये हैं। उन्होंने मांग की है कि वन विभाग इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।







