इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम के उद्यान विभाग में सहायक अधीक्षक चेतन पाटिल के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने मंगलवार सुबह पाटिल के घर और कार्यालय पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में अब तक 1 करोड़ 84 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है और जांच अभी भी जारी है।
दो साल पुरानी शिकायत पर कार्रवाई
ईओडब्ल्यू के अधीक्षक रामेश्वर सिंह यादव ने बताया कि चेतन पाटिल, जो 20 साल पहले नगर निगम में मस्टरकर्मी के रूप में शामिल हुए थे, के खिलाफ दो साल पहले शिकायत मिली थी। इसके बाद जांच-पड़ताल के आधार पर ईओडब्ल्यू ने दो अलग-अलग टीमें गठित कीं, जिनमें तीन से चार वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। टीम ने पाटिल के सुखलिया स्थित गुलमोहर कॉलोनी के तीन मंजिला मकान और नगर निगम कार्यालय में तलाशी ली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फाइलें जब्त की गईं।
4 करोड़ के पौधों की सजावट से उठे सवाल
जांच में सामने आया कि एनआरआई सम्मेलन के दौरान शहर की सजावट के लिए 4 करोड़ रुपये के पौधे लगाए गए थे, जिसमें उद्यान विभाग की भूमिका थी। चेतन पाटिल इसी विभाग में पदस्थ हैं। ईओडब्यू की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पाटिल की 20 साल की नौकरी में उनकी आय और वेतन लगभग 17 लाख रुपये रहा, लेकिन उनकी संपत्ति का आकलन 1.84 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें तीन मंजिला मकान, वाहन, बीमा पॉलिसी, सोने-चांदी के जेवरात, 40 लाख रुपये के बैंक खाते और 1.5 लाख रुपये नकद शामिल हैं।







