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कोरबा छत्तीसगढ़

ओला के ग्राहकों ने उपभोक्ता फोरम में जाने का मन बनाया, अपने को ठगा सा महसूस कर रहे

कोरबा। ओला इलेक्ट्रिक दुपहिया के अधिकांश ग्राहक इन दिनों परेशान नजर आ रहे हैं। पेट्रोल के झंझट से मुक्ति पाने के लिए ओला खरीदा था, लेकिन वाहन उनका साथ नहीं दे रहा है। ग्राहकों के अनुसार डिस्पले और मोटर में खराबी की समस्या आ रही है। कई ग्राहक ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एजेंसी का भी महीनों तक चक्कर लगाकर थक हार चुके हैं और अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। अब ग्राहकों ने उपभोक्ता फोरम में जाने का मन बना लिया है।

ओला के एक ग्राहक ने बताया कि गाड़ी के दोनों चक्के जाम हो चुके हैं। गाड़ी को एजेंसी तक जाने के लिए भी मालवाहक वाहन का उपयोग करना पड़ेगा। ग्राहकों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एजेंसी में सर्विसिंग का कार्य काफी दिनों से बंद है। ओला का एक मैकेनिक आता है और दुपहिया को चेक करने के बाद निर्णय लेता है और बताता है कि गाड़ी बनेगी या नहीं।

जानकारी के अनुसार ओला की कीमत लगभग एक लाख रूपए के आसपास है। ग्राहकों ने बताया कि दुपहिया वाहन की खरीदारी करने के बाद साल भर भी नहीं चल सकी। कोरबा टूडे स्टूडियो की टीम ने जब ओला एजेंसी पर जाकर संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया तो एजेंसी बंद मिली। ओला एजेंसी के बाहर 50 से अधिक गाड़ियां खराब स्थिति में खड़ी हुई थी। हाल ही हुई बारिश की वजह से इन खराब इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सुरक्षा का भी ध्यान नहीं रखा गया।

ओला के संचालकों से मोबाईल पर हुई चर्चा

इस संबंध में जब ओला के संचालक से मोबाईल पर चर्चा की गई। संचालक ने बताया कि वाहन का जॉब कार्ड ओपन नहीं हो रहा है। ऐसे में गारंटी वाली गाड़ियों की मरम्मत नहीं हो रही है। साथ ही यह भी बताया गया कि आप चाहे तो दूसरे जिले में वाहन का सुधार कार्य करवा सकते हैं।

अब ग्राहकों के सामने एक नई समस्या उत्पन्न हो गई है। दूसरे जिले में खराब दुपहिया को चलाकर ले जाना संभव नहीं है। उसे किसी मालवाहक में लोड कर ले जाना होगा। इसका भाड़ा भी हजारों में लगेगा। ग्राहकों का कहना है कि क्या यही सब करने के लिए ओला खरीदा था। खास बात यह है कि ओला खरीदने के दो या तीन माह बाद खराबी आने लगी थी।

एजेंसी संचालक कई तरह के नियम बताकर ग्राहकों को कई महीनों तक टालते रहे। गाड़ियां  ग्राहकों के घरों में कई माह से खड़ी हैं। अनेक ग्राहकों ने एजेंसी के सामने वाहनों को लाकर खड़ा कर दिया है। कुछ समय बाद कई ओला वाहनों की गारंटी अवधि भी समाप्त हो जाएगी। इसके बाद बड़ी रकम देकर वाहनों को सुधरवाना पड़ेगा। एक लाख की गाड़ी शोपीस बनकर रह गई है। ओला ग्राहकों से लोग पूछ रहे हैं चलती है कि नहीं?

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