Home » NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल जारी : ऐक्शनमोड में सरकार, 794 कर्मचारियों को किया गया बर्खास्त
कोरबा छत्तीसगढ़

NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल जारी : ऐक्शनमोड में सरकार, 794 कर्मचारियों को किया गया बर्खास्त

रायपुर/कोरबा । नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) संविदा कर्मचारियों की हड़ताल पिछले एक माह से जारी है। सरकार ने 16 सितंबर तक काम पर लौटने का अंतिम अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।  सरकार ने अब कड़ा कदम उठाते हुए सूरजपुर जिले में 594 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं। इससे पहले 16 सितंबर को बलौदाबाजार और कोरबा जिले में 200 से अधिक संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था। बलौदाबाजार के 160 से ज्यादा और कोरबा के करीब 21 कर्मचारियों को एक झटके में सेवा से हटा दिया गया।

आंदोलन किया तेज, जेल भरो आंदोलन की तैयारी- सरकारी कार्रवाई के बावजूद एनएचएम कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। संगठन ने ऐलान किया है कि संभाग स्तर पर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग से करीब 10 हजार कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे।

10 सूत्रीय मांगों पर अड़ा संगठन- एनएचएम कर्मचारी संगठन अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत है। इनमें से 5 मांगों पर सरकार ने मौखिक सहमति दी है, लेकिन बाकी 5 पर कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि “मौखिक भरोसे” से काम नहीं चलेगा, सभी मांगों पर लिखित आदेश चाहिए। 3 सितंबर को ही स्वास्थ्य विभाग ने 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था, जिनमें एनएचएम कर्मचारी संगठन के प्रदेश संरक्षक हेमंत सिन्हा और महासचिव कौशलेश तिवारी भी शामिल थे। इसके बाद से विरोध और उग्र हो गया है। अब तक कुल मिलाकर सैकड़ों कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं, कर्मचारियों ने भी सरकार के कदम से पहले सामूहिक इस्तीफे सौंपकर मोर्चा खोल दिया था।

लगातार चल रही हड़ताल का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। कई शासकीय अस्पतालों में ताले लटके हुए हैं। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और प्रसव सेवाएं पूरी तरह बंद हैं। संस्थागत प्रसव, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, सोनोग्राफी और टीकाकरण जैसी जरूरी सेवाएं ठप्प हो चुकी हैं। मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर रात्रिकालीन प्रसव और आपातकालीन ऑपरेशनों पर हुआ है। गंभीर मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगी है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए नियमित कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर हाज़िर होने का आदेश दिया गया है।

Search

Archives