प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष नीता यादव की अध्यक्षता में जिला जेल कोरबा का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयूरा गुप्ता समेत प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों ने जेल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सहायक जेल अधीक्षक से बंदियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं, खाद्य सामग्री, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए।
भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच : निरीक्षण दल ने जेल के भोजनालय में बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध दवाइयों और चिकित्सा सेवाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जेल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था और बंदियों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति का भी अवलोकन किया।
बंदियों से सीधे संवाद, विधिक अधिकारों की दी जानकारी : निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। बंदियों को उनके विधिक अधिकार, जमानत की प्रक्रिया और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई।
पात्र बंदियों को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि जेल में निरुद्ध प्रत्येक व्यक्ति को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी हो और जरूरत पड़ने पर उसे उचित विधिक सहायता मिल सके।







