कोरबा। उत्तरप्रदेश के मेरठ की मुस्तान रस्तोगी और साहिल का हथकंडा अब कोरबा में भी अपनाया जा रहा है। मामला कुछ अलग है, लेकिन इस घटना में भी नीले ड्रम को उपयोग में लाया गया है। मामला जिले के मोती सागर पारा में सामने आया है। एक युवक ने 7 साल की बच्ची को पानी भरे ड्रम में डाल दिया। गनीमत रही कि खेल रही, दूसरी बच्ची ने शोर मचाया और लोगों ने बालिका को समय रहते बचा लिया।
मिली जानकारी के अनुसार नशे में धुत 21 वर्षीय युवक सूरज मांझी ने एक 7 साल की मासूम बच्चे को जबरन पानी से भरे नीले ड्रम में डाल दिया। बच्ची के साथ खेल रही दूसरी बच्ची ने जब इसकी सूचना घर वालों को दी, तो लोगों ने भागकर बच्ची को पानी से निकाल लिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और बस्तीवासियों ने युवक की जमकर पिटाई की। पुलिस ने मामले की सूचना मिलने पर युवक को हिरासत में ले लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह मासूम से मजाक कर रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाने में बस्तीवासियों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने आरोपी युवक को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना सीतामणी की है। बताया जा रहा है कि सूरज के साथ दो और युवक थे जो परिजनों को आते देख पहले से ही भाग गए।
मासूम बच्ची के मां ने बताया कि वह घर पर काम कर रही थी जहां उसकी बेटी पड़ोस में ही रहने वाली बच्ची के साथ घर के पास खेल रही थी उसे लगा कि खेल रही होगी। एक बच्ची दौड़ते हुए घर पहुंची। उसने बताया कि उसकी बेटी को कोई नील ड्रम में डाल दिया है, जल्दी चलिए जब मौके पर पहुंची बच्ची चीख पुकार मचाने लगी। मासूम बच्ची को ड्रम से बाहर निकाला गया।
घटना के बाद बस्ती में युवक के खिलाफ काफी आक्रोश देखने को मिला और इसकी हरकतों को लेकर पुलिस से कार्यवाही करने की मांग की। बताया जा रहा है कि युवक नशे में थे और अगर समय रहते नजर नहीं पड़ती तो बच्ची की जान भी जा सकती थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और ऐसी घटनाओं को रोकने में सहयोग करें।







