दिन-ब-दिन डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोग इस बीमारी से खासे परेशान हैं, लेकिन इस बीमारी से जूझ रहे लोग अगर खान-पान में सावधानियां बरतें तो काफी हद तक इस पर काबू पाया जा सकता है। अक्सर यह कहा जाता है कि डायबिटीज पेसेंट को मीठी चाजें नहीं खानी चाहिए। शुगर के मरीज फलों को लेकर भी काफी कन्फ्यूज रहते हैं, क्योंकि ज्यादातर फल मीठे होते हैं। इस बारे में हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या डायबिटीज के मरीजों को फल का सेवन करना चाहिए अथवा नहीं। अगर करनी भी चाहिए तो मात्रा क्या होनी चाहिए। आईए जान लेते हैं कुछ जरूरी प्वाइंट्स।
एक पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज के मरीजों के लिए फल खाना फायदेमंद रहता है बशर्ते यह ध्यान रखना जरूरी है कि मरीज को फलों से एलर्जी न हो। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) वाले फूड्स खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने का खतरा नहीं होता और अधिकांश फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। यही वजह है कि ताजा और मौसमी फल खाने से डायबिटीज नहीं बढ़ता. फलों में कार्बोहाइड्रेट की प्रचूर मात्रा होती है, इसलिए सभी लोगों को फल अपनी डाइट में लेहनी चाहिए पर शुगर के मरीजों को फल कम मात्रा में ही खाने चाहिए नहीं तो परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वर्ष 2017 की एक स्टडी के अनुसार फलों का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।
मात्रा क्या हो?
फल का सेवन करने की मात्रा क्या हो यह व्यक्ति के शरीर और उनकी क्रियाकलापों पर निर्भर करता है। यूएसडीए का मानना है कि वयस्क महिलाओं को हर रोज 1.5 से 2 कप फल खाने की आवश्यकता होती है, जबकि पुरुषों को 2 से 2.5 कप फल खाने की आवश्यकता होती है। डायबिटीज वाले मरीज कितने फल खा सकते हैं, यह अपनी कंडीशन के अनुसार डाॅक्टर या डाइटिशियन से सलाह ले सकते हैं। मौसमी फल सभी लोगों के लिए फायदेमंद होते हैं लेकिन शुगर पेसेंट कम मात्रा में इनका आनंद ले सकते हैं।







