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छत्तीसगढ़

हॉस्टल की तीन आदिवासी छात्राएं गर्भवती, भूपेश बघेल ने उठाए गंभीर सवाल, कहा- दोषी लोगों पर हो कड़ी कार्रवाई

बीजापुर। जिले के एक पोर्टा केबिन आवासीय संस्था में तीन छात्राओं के गर्भवती होने की खबर है। मामला प्रकाश में आने पर शिक्षा और प्रशासनिक विभाग मामले की जांच करने की बजाय लीपापोती करने में लगा हुआ है। बताया जाता है कि गर्भवती तीन छात्राओं में से दो 12वीं की, तो एक 11वीं कक्षा में पढ़ रही हैं। दोनों छात्राएं बोर्ड की परीक्षा देने गई थीं, तो इस दौरान मामले का खुलासा हुआ।

जांच पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि तीनों छात्राएं करीब चार-पांच महीने से गर्भवती हैं। बड़ी बात यह है कि इनमें से दो छात्राएं नाबालिग हैं। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने इन छात्राओं के गर्भवती कार्ड भी बनाए थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी थी, तो छात्रावास प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी गई? दूसरी ओर छात्रावास की अधीक्षिका का कहना है कि यह घटना उनके कार्यकाल का नहीं है। संबंधित छात्राएं कई बार छात्रावास से अनुपस्थित रहती थीं, इसलिए उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

जांच पड़ताल शुरू :  मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस पोर्टा केबिन छात्रावास बीजापुर पहुंची और वहां मौजूद छात्रावास के कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। मामले की जांच पड़ताल में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है। जांच के बाद ही इस संबंध में आगे की जानकारी दी जायेगी।

भूपेश बघेल ने उठाए गंभीर सवाल :  मामले में प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि आवासीय विद्यालय से आ रही ये खबर चिंता पैदा करती है। पता चला है कि अब सरकारी अमला इस मामले को रफा-दफा करने में जुटा है। मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

सुलगते सवाल :  यह घटना छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हॉस्टल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सवाल यह है कि यदि छात्राएं लंबे समय से गर्भवती थीं, तो इसकी जानकारी प्रबंधन को समय पर क्यों नहीं मिली? वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मामले की सूचना प्रबंधन को क्यों नहीं दी? छात्रावास के अधिकारी-कर्मचारी क्या कुंभकर्णी नींद में सोये हुए थे? इससे पूर्व भी पोटा केबिन स्थित इस हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

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