रायपुर। भारतीय कला और संस्कृति को समर्पित ‘नटरंग फेस्टिवल ऑफ इंडियन आर्ट एंड कल्चर चैप्टर 2’ का भव्य आयोजन राजधानी रायपुर में किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन का संचालन संगीता कला डांस अकादमी द्वारा किया गया, जिसकी निदेशक संगीता कापसे हैं।
3 अप्रैल से 8 अप्रैल तक चले इस सांस्कृतिक महोत्सव में देशभर के कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। फेस्टिवल के अंतर्गत 8 अप्रैल को रंग मंदिर ऑडिटोरियम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा के प्राध्यापक एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तबला वादक डॉ. कुणाल दासगुप्ता को उनके शिष्यों सहित प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. दासगुप्ता को भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘गुरु द्रोण’ उपाधि से सम्मानित किया गया, वहीं उनके प्रतिभाशाली शिष्य प्रयात पांडे एवं अभिसार ठाकुर को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘अर्जुन अवार्ड’ प्रदान किया गया।
आयोजन की विशेषता यह रही कि यह पूरी तरह से गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित रहा, जिसमें वरिष्ठ कलाकारों और उभरते शिष्यों को एक साथ मंच प्रदान किया गया। इस दौरान दर्शकों ने शास्त्रीय संगीत और कला की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
कार्यक्रम की आयोजक संगीता कापसे ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे सांस्कृतिक उत्सव भविष्य में भारतीय कला की समृद्ध परंपरा को और मजबूत करेंगे।
डॉ. कुणाल दासगुप्ता ने इस सम्मान को अपने लिए विशेष बताते हुए कहा कि यह उपाधि उनके लिए अन्य सभी सम्मानों से अलग है, क्योंकि यह सीधे तौर पर गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण और संवर्धन से जुड़ी हुई है।
यह आयोजन कला प्रेमियों के लिए यादगार साबित हुआ और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा।







