पामगढ़। तहसील कार्यालय पामगढ़ में पदस्थ पटवारी को सरकारी सेवा के आचरण नियमों के उल्लंघन के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बताया जाता है कि उसने व्हाट्सएप ग्रुप में शनिवार रविवार को काम नहीं करने की बात करते हुए यहां तक कहा था कि एसडीएम, कलेक्टर, सचिव या फिर सीएम ही क्यों ना बोले काम नहीं करेंगे। इस मामले मे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पामगढ़ ने 18 अगस्त 2026 को निलंबन आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार पटवारी देवेंद्र साहू, पटवारी हल्का नंबर 21 ग्राम-बिलारी ने 7 अगस्त को तहसील पामगढ़ के व्हाट्सप ग्रुप में एक टिप्पणी की थी। टिप्पणी में कथित तौर पर यह कहा गया था कि एसडीएम, कलेक्टर, सचिव या सीएम ही क्यों न हो, शनिवार रविवार कोई काम नहीं करेंगे।
इस टिप्पणी को लेकर पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उनसे जवाब मांगा गया था। पटवारी ने 11 अगस्त को अपना पक्ष प्रस्तुत किया, लेकिन विभागीय जांच में उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जिस पर अपर कलेक्टर एवं पामगढ़ एसडीएम आर के तंबोली ने जारी आदेश में कहा है कि शासकीय सेवक को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए शासकीय सेवा आचरण के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए। साथ ही सार्वजनिक अथवा सोशल मीडिया माध्यमों पर ऐसी टिप्पणी से बचना चाहिए, जिससे शासन, शासकीय पद अथवा संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटवारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय (कानूनगो शाखा) पामगढ़ निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। कार्रवाई की प्रतिलिपि कलेक्टर, तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।







