इस मामले के अधिकांश गवाह बीजापुर के पत्रकार हैं। पत्रकार सुनील मर्सकोले आरोपी सुरेश चंद्रकार के संपर्क में है। वह गवाह पत्रकारों पर बयान बदलने का दबाव बना रहा है। साथ ही उन्हें आर्थिक प्रलोभन भी दे रहा है। इस संबंध में एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद पत्रकारों में भारी आक्रोश है।
बीजापुर के पत्रकारों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वायरल ऑडियो की पड़ताल करने की भी मांग की गई है। न्यायालय में सरकारी पक्ष के माध्यम से इस विषय को शामिल करने की मांग की गई है।
जेल से नेटवर्क संचालन : पत्रकारों ने सवाल उठाया कि केंद्रीय जेल जगदलपुर में बंद आरोपी को इतनी स्वतंत्रता कैसे मिल रही है। वह लगातार चलभाष के माध्यम से बाहरी लोगों से संपर्क कर रहा है। पत्रकारों का आरोप है कि पैसे के बल पर पूरा तंत्र संचालित हो रहा है। जेल के भीतर से ही प्रभाव डालने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने जेल प्रशासन की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वाले पत्रकार : ज्ञापन सौंपने वालों में पी. रंजन दास, पवन दुर्गम और गणेश मिश्रा शामिल रहे। पुष्पा रोकड़े, नितिन रोकड़े और चेतन कापेवार भी उपस्थित थे। सतीश अल्लूर, भरत दुर्गम, संतोष तिवारी और घनश्याम यादव भी मौजूद रहे। इस दौरान बस्तर के वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र महापात्र और बादशाह खान भी उपस्थित हुए।







