दंतेवाड़ा । बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे के बाद से नक्सलियों की प्लानिंग लगातार फेल हो रही है। दंतेवाड़ा के घने जंगलों से सुरक्षाबलों के जवानों ने नक्सलियों का डंप बरामद किया है। इसमें भारी संख्या में विस्फोटक है। घने जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादी कैडरों द्वारा छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में विस्फोटक एवं प्रतिबंधित सामग्री का जखीरा बरामद किया गया है। यह कार्रवाई नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत लगातार चल रही सर्चिंग गतिविधियों का हिस्सा है, जो हाल ही में बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद और तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 02 मई 2026 को सुरक्षा एजेंसियों को सटीक खुफिया सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम तोडमा, थाना बारसूर क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा विस्फोटक सामग्री और अन्य जरूरी सामान छिपाकर रखा गया है। इस इनपुट के आधार पर 195वीं वाहिनी और दंतेवाड़ा पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से एक विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बलों की टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के बीच सघन तलाशी अभियान चलाया। कई घंटों की खोजबीन के बाद जवानों को नक्सल डंप बरामद हुआ। रामद सामग्री में बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियारों से संबंधित सामान शामिल है, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था.जब्त किए गए सामान में 75 नग इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 7.62 मिमी राउंड, 5.56 मिमी राउंड, 7.62म39 मिमी राउंड, 12 बोर राउंड और उनके खाली केस मिले हैं।
इसके अलावा 303 ब्लैंक कारतूस तथा कारतूस के खाली केस शामिल हैं. करीब 500 ग्राम विस्फोटक, जिलेटिन, सेफ्टी फ्यूज वायर और इलेक्ट्रिक वायर भी बरामद किए गए है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को संचार उपकरण जैसे और वायरलेस सेट भी मिले, जो नक्सलियों के आपसी संपर्क और रणनीति बनाने में उपयोग किए जाते थे। इसके साथ ही एक भरमार राइफल, बैटरियां, कैमरा फ्लैश, यूरिया पाउडर, ग्रेनेड पिन और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी बरामद की गई है। सुरक्षा बलों को मौके से नक्सल साहित्य भी हासिल हुआ है।
इस तरह के डंप का उपयोग नक्सली बड़े हमलों की तैयारी के लिए करते हैं। ऐसे में इस सामग्री की बरामदगी से सुरक्षा बलों ने न केवल संभावित खतरे को टाल दिया है, बल्कि क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क को भी बड़ा झटका दिया है। बस्तर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद अब सुरक्षा बल उनके छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों को खोजकर नष्ट करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इससे नक्सलियों की लॉजिस्टिक सप्लाई और ऑपरेशनल क्षमता को कमजोर करने में मदद मिल रही है।







