नारायणपुर। शनिवार को कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र के छोटेबेठिया में एक दुखद आईईडी धमाका हुआ। इस हादसे में चार बहादुर जवान बलिदान हो गए। आज नारायणपुर पुलिस लाइंस में तिरंगे में लिपटे इन शहीदों को अंतिम विदाई दी गई।
कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि सुरक्षा बलों ने नारायणपुर-कांकेर सीमा पर तलाशी के दौरान विस्फोटक और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की थी। इन्हें नष्ट करते समय एक हादसा हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस इलाके में नक्सलियों की कोई सक्रिय मौजूदगी नहीं थी। हालांकि, पहले से लगाए गए आईईडी अभी भी बड़ा खतरा बने हुए हैं।
नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल लगातार ऐसे विस्फोटकों को बरामद कर निष्क्रिय करने का अभियान चला रहे हैं। इस घटना में लगभग 70-80 किलोग्राम विस्फोटक मिला था। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर पी. सुंदरराज ने बताया कि 2 मई को बरामदगी अभियान के दौरान गलती से धमाका हुआ। जवानों में इंस्पेक्टर सुकराम, कांस्टेबल संजय, कांस्टेबल कृष्णकुमार और कांस्टेबल परमानंद शामिल हैं।
शहीदों को श्रद्धांजलि : जवानों के पार्थिव शरीर को पोस्टमॉर्टम के बाद नारायणपुर जिला मुख्यालय में अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद उन्हें पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक स्थानों पर भेजा गया। एक और कांस्टेबल परमानंद का रायपुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को भी घर भेजने से पहले अंतिम विदाई दी जाएगी। जिला अधिकारियों, पुलिस और सुरक्षा बलों ने उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
जांच और सहायता : अधिकारियों ने बताया कि नक्सली गतिविधियां काफी हद तक खत्म हो चुकी हैं। लेकिन, पहले से लगाए गए आईईडी अभी भी खतरा बने हुए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फोरेंसिक और बैलिस्टिक जांच चल रही है। शहीदों के परिवारों को सरकारी सहायता मिलेगी, जिसमें बीमा और मुआवजा शामिल है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने के लिए आगे भी तलाशी अभियान जारी रखेंगे कि पूरा इलाका सुरक्षित हो जाए।







