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छत्तीसगढ़

महिला व्याख्याता ने लगाई फांसी .. इस बात से थी नाराज, एएसआई पति से फोन पर कही …

बिश्रामपुर। व्याख्याता साधना तिवारी 40 वर्ष ने गुरुवार को छोटी सी बात पर आवेश में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बिश्रामपुर पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को सूरजपुर के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। घटना से नगर में शोक का माहौल है।

घटना नगर स्थित एसईसीएल की हास्पिटल कालोनी की है। क्वार्टर नंबर वन बी 226 में सहायक उप निरीक्षक वरुण तिवारी सपरिवार रहते है। वर्तमान में वे चंदौरा थाना में पदस्थ है। उनकी पत्नी साधना मिश्रा नगर में संचालित स्वामी आत्मानन्द हिन्दी माध्यम विद्यालय में व्याख्याता के रूप में पदस्थ थी। एएसआइ वरूण तिवारी पशु पक्षियों के शौकीन होने के कारण वे उन्हें पालते रहे हैं। उन्होंने श्वान (कुत्ता) भी पाला था, किंतु उनकी शिक्षिका पत्नी को इसे पालना पसन्द नहीं होने के कारण उन्होंने अपना पालतू श्वान श्रमिक नेता परमजीत सिंह को दे दिया था।

गुरुवार की शाम को उनका छोटा पुत्र अक्ष ट्यूशन से लौटते वक्त परमजीत सिंह के यहां से अपना पालतू श्वान घर ले आया था। इसे लेकर उसकी मां साधना तिवारी ने नाराजगी जताते हुए चंदौरा थाने में ड्यूटी कर रहे एएसआई पति वरूण को मोबाइल पर काल कर उक्त स्थिति से अवगत कराते हुए कहा था कि घर मे वे रहेगी या कुत्ता। वरुण के मुताबिक उसने कहा वह घर आ रहा है। श्वान को भगा देगा। इसी बीच उसने काल काट दी। वरूण के कई बार काल लगाने पर भी रिस्पांस नही मिलने पर उसने अपने साले अंबिकेश्वर निवासी केशवनगर को काल कर पूरी बात बताते हुए घर जाकर देखने को कहा।

बेटे को कमरे में बंद कर फांसी पर झूल गई

अंबिकेश्वर तत्काल हॉस्पिटल कालोनी पहुंचा, तो देखा कि उसका भांजा सामने कमरे की खिड़की में बैठा है। उसके भांजे ने बताया कि उसकी मां ने उसे कमरे में बन्द कर दिया है। आवास के सामने और पीछे का दरवाजा बंद था। पीछे के दरवाजे को किसी तरह खोलकर वे अंदर घुसे, तो देखा कि स्टोर रूम में चुन्नी से साधना ने फांसी लगा ली है। उसे उतारकर तत्काल के केंद्रीय चिकित्सालय ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही केंद्रीय चिकित्सालय में लोगो का मजमा लग गया। पूरा माहौल गमगीन हो गया था। शव को रात में जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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