कांकेर में अवैध लकड़ी तस्करी का मामला लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी से भरे दो ट्रकों को जब्त किया है। यह कार्रवाई चारामा जांच नाके पर की गई, जहां गीदम से रायपुर की ओर जा रहे संदिग्ध ट्रकों को रोककर जांच की गई।
जानकारी के अनुसार चारामा वन परिक्षेत्र में लंबे समय से अवैध लकड़ी तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर कांकेर वन उड़नदस्ता टीम ने रणनीति बनाकर जांच नाके पर घेराबंदी की। जांच के दौरान ट्रकों में भारी मात्रा में अवैध लकड़ी पाई गई, जिसके बाद दोनों वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित आरोपियों की पहचान की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी दो दिन पूर्व एक ट्रक अवैध लकड़ी के साथ पकड़ा गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हो गया है कि बस्तर संभाग में लकड़ी तस्करी का नेटवर्क सक्रिय और संगठित रूप ले चुका है। सूत्रों के मुताबिक, बस्तर क्षेत्र से बड़े पैमाने पर लकड़ी की कटाई कर उसे अन्य जिलों और शहरों तक पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में गीदम, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोंडागांव, फरसगांव और केशकाल जैसे स्थानों पर वन विभाग के चेकपोस्ट मौजूद हैं, बावजूद इसके तस्करी जारी है। अधिकतर मामलों में वाहन कांकेर के मचांदूर चेक पोस्ट पर ही पकड़े जा रहे हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
वन विभाग का कहना है कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अभियान जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने की मांग की है।







