पटना। बिहार की राजधानी पटना में विभिन्न मांगों को लेकर छात्र एक बार फिर सड़क़ों पर उतर आए। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले छात्रों को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास रोकने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। आक्रोशित छात्रों ने पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी और उसके ऊपर चढ़क़र आगे बढ़ गए। प्रदर्शन के कारण जेपी गोलंबर से रामगुलाम चौक तक का मार्ग जाम हो गया।
अशोक राजपथ समेत आसपास के कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्रों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। प्रदर्शनकारी छात्र पहले गांधी मैदान में एकत्र हुए।
इसके बाद वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च करते हुए आगे बढ़े। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस की ओर से लगाए गए अवरोधकों के कारण छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद बढ़ गया। छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और उसके ऊपर चढ़क़र आगे बढ़ऩे का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र मास्क लगाए और चेहरे पर रुमाल बांधे नजर आए।
छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन आयोग की ओर से प्रदर्शन में शामिल लोगों पर नजर रखी जाती है और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने से रोक दिया जाता है। इसी आशंका के कारण कुछ छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान अपना चेहरा ढक रखा था। प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां थीं। इस दौरान एक छात्र शंख बजाते हुए भी नजर आया। छात्र बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि सरकार ने शारीरिक परीक्षा और दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया पहले ही रद्द कर दी है, लेकिन इससे उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं हुई है। छात्र पूरी परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग पर जोर दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को भी रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा बिहार लोक सेवा आयोग की इंटर स्तरीय परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने और सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग भी प्रदर्शनकारियों ने उठाई है।
छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और परीक्षाओं से जुड़ी अनिश्चितता दूर करने के लिए समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने की इच्छा जताई है।







