भभुआ। जिला मुख्यालय में स्थित व्यवहार न्यायालय में एडीजे प्रथम सह किशोर न्यायालय के विशेष न्यायाधीश बलजिंदर पाल की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक अभियुक्त को 25 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अर्थदंड की राशि नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। सजा पाने वाला अभियुक्त दुर्गावती थाना क्षेत्र के पिपरा कर्णपुरा गांव वर्तमान में मोहनियां नगर के वार्ड 16 निवासी मो. जुल्फिकार अली का पुत्र अरबाज आलम उर्फ पल्लू है। बता दें कि वर्ष 2019 में 15 नवंबर को भभुआ-मोहनियां रोड में रतवार गांव के पास नाबालिग के साथ चार लोगों के द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किया गया था ।
इस मामले में 24 नवंबर 2019 को महिला थाना में नाबालिग के द्वारा लिखित आवेदन दिया गया था। इस केस के विशेष लोक अभियोजक राम निवास राम व सूचिका के अधिवक्ता मंटू पांडेय ने बताया कि मोहनियां थाना क्षेत्र की एक नाबालिग से 15 नवंबर 2019 को प्रैक्टिकल की कापी खरीदने मोहनियां गई थी।
तत्कालीन डीएम व एसपी के द्वारा दो दिन के अंदर चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। 30 नवंबर 2019 को चारों अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित हुआ। पूर्व में मामला विचारण के दौरान मोहनियां निवासी दो अभियुक्त सिकंदर अंसारी व मो. शाहनवाज को एडीजे छह की अदालत ने 35-35 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुना दी है।
जबकि एक अभियुक्त का ट्रायल किशोर न्यायालय में चल रहा है। जबकि अरबाज आलम उर्फ पल्लू को बुधवार को 25 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि नाबालिग को जिला विधिक सेवा प्राधिकार उचित सहयोग करें। इस केस में सभी 11 गवाहों की गवाही हुई है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता मुद्रिका सिंह ने पक्ष रखा।







