पटना। अग्निशमन विभाग के नौ फायर स्टेशन क्षेत्र में बनाई गई 27 टीमों ने सोमवार को 110 होटल और अस्पतालों का ऑडिट किया है। जिला अग्निशमन कमांडेंट रितेश पांडेय ने बताया कि पूर्व में जिन होटल व अस्पतालों को नोटिस दिया गया है, वे अगर समय पर मानक पूरा नहीं करते हैं, तो उन सभी को सील करने का अनुशंसा की जाएगी। इन लापरवाह प्रतिष्ठानों को सुधरने के लिए दो साल पहले भी सचेत किया गया था। इसके बाद छह महीने पहले भी नोटिस देकर अंतिम मौका दिया गया, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को दुरुस्त नहीं किया गया।
औचक निरीक्षण में पाया गया कि पटना के कुल 241 होटलों में से 161 होटल ऐसे हैं जो तय मानकों को पूरी तरह ठेंगा दिखा रहे हैं। सिर्फ होटल ही नहीं, बल्कि 284 कोचिंग सेंटरों की जांच में भी 106 सेंटर डिफाल्टर पाए गए हैं।
जिला फायर अधिकारी रितेश पांडेय के अनुसार, चार से छह जून के बीच 322 होटलों और अस्पतालों का व्यापक फायर ऑडिट किया गया। इस अभियान के पहले दिन यानी चार जून को 71 अस्पतालों और होटलों की जांच की गई। पांच जून को 144, जबकि छह जून को 107 होटलों और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया।
अधिकारियों के अनुसार जिन्हें पहले नोटिस दिया है, वह 14 दिनों के अंदर त्रुटि में सुधार कर लें। जिन्हें पहली बार नोटिस दिया गया है, वह एक माह के अंदर सभी कमियों को दूर कर लें। ऐसा नहीं करने पर संस्थान को सील किया जाएगा।







