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बिहार

गैंगरेप पीड़िता को 2 साल बाद मिला न्याय, दोषी को अंतिम सांस तक जेल की सजा

मुंगेर। गैंगरेप मामले में पीड़िता को दो साल बाद न्याय मिला है। कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक की कारवास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। दोषी ने गांव की ही रहने वाली वाली नाबालिग को फोन कर बुलाया था। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ इस घिनौने वारदात को अंजाम दिया था। कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया
जिले के खड़गपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से 2021 में गैंगरेप का मामला सामने आया था। अब इस मामले में दो साल बाद पीड़िता को न्याय मिला है। बुधवार को कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस की कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया।

दोषी को 20 वर्ष की सजा

मामले में विशेष न्यायधीश (पाक्सो) प्रदीप कुमार चौधरी ने खड़गपुर थाना में दर्ज मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई की। अभियोजन तथा बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने खड़गपुर के रहने वाले मुख्य अभियुक्त मु. नजीम को पाक्सो एक्ट की धारा के तहत 20 वर्ष की सजा और 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया। इसके साथ ही एक्ट की धारा 6(जी) के तहत कोर्ट ने दोषी को अंतिम सांस तक की कारावास की भी सजा दी। मामले में पाक्सो के विशेष लोक अभियोजक प्रियतम कुमार वैश्य ने बहस में हिस्सा लिया।
गांव के ही युवक ने फोन कर किशोरी को बुलाया था।

उन्होंने बताया कि 4 जुलाई 21 को मु. नजीम ने रात में गांव के ही एक नाबालिग को फोन कर बुलाया था। जहां वो अपने साथियों के साथ पहले से मौजूद था। इसके बाद उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। फिर उसके साथी मु. कैफ, मु. अजमल, मु. आकिब, मु. अनवर खातून और मु. सईद ने भी नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उन्होंने पीड़िता के साथ मारपीट भी की और घायल कर दिया। बता दें कि इस मामले में मु. नजीम को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

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