दलबीर सिंह परिवार की राजनीतिक विरासत
शहडोल/अनूपपुर। शहडोल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का वैवाहिक रिश्ता अब कानूनी रूप से समाप्त हो गया है। दोनों ने आपसी सहमति से तलाक लिया है। राजेंद्र ग्राम, जिला अनूपपुर की अदालत ने दोनों की सहमति के आधार पर तलाक की डिक्री जारी कर दी है।
हिमाद्री सिंह का नाम मध्यप्रदेश की राजनीति के प्रभावशाली परिवार से जुड़ा है, वहीं उनके परिवार का छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक बिर्रा रियासत से भी पारिवारिक संबंध रहा है। उनकी माता राजेश नंदिनी सिंह का मायका बिर्रा रियासत से जुड़ा बताया जाता है। दोनों का विवाह वर्ष 2017 में हुआ था और वर्ष 2021 से वे अलग-अलग रह रहे थे। दंपती की एक बेटी है, जिसकी देखभाल अब हिमाद्री सिंह करेंगी।
दलबीर सिंह परिवार की राजनीतिक विरासत
हिमाद्री सिंह के पिता दलबीर सिंह शहडोल से तीन बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। वे पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी चुने गए थे।
उनकी माता राजेश नंदिनी सिंह भी राजनीति में सक्रिय रही हैं और विधायक तथा सांसद रह चुकी हैं। इसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए हिमाद्री सिंह शहडोल से भाजपा सांसद बनीं।
बिर्रा रियासत से जुड़ा खास पारिवारिक रिश्ता
हिमाद्री सिंह के परिवार की जड़ें मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ से भी जुड़ी हैं। उनकी माता राजेश नंदिनी सिंह का मायका जांजगीर-चांपा क्षेत्र की बिर्रा रियासत से संबंधित रहा है।
इस लिहाज से हिमाद्री सिंह का परिवार मध्यप्रदेश की सक्रिय राजनीति और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक बिर्रा रियासत, दोनों से जुड़ी पारिवारिक पहचान रखता है।
तलाक का यह घटनाक्रम जहां हिमाद्री सिंह के निजी जीवन से जुड़ा है, वहीं उनके परिवार की राजनीतिक विरासत और बिर्रा रियासत से संबंध इसे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़, दोनों के राजनीतिक-सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनाते हैं।







