कोरबा। जिस शान से ओला इलेक्ट्रिक दुपहिया को कोरबा जिले में लांच किया गया था और किफायती दामों और कई प्रकार के फीचर के साथ जिलेवासियों को उपलब्ध कराया गया था, ओला उस पर खरा नहीं उतर रहा है।
जानकारी के अनुसार कोरबा जिले में ओला के सभी सर्विस सेंटर बंद हो चुके हैं, जिससे ओला के खरीदारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राहकों ने बताया कि ओला की कीमत लगभग 80 से 90 हजार के आसपास है। शुरूआती कीमत 50 से 60 हजार के बीच होती है। ओला खरीदने के कुछ दिनों बाद कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे चार्ज में लगाने पर नहीं होना। रास्ते में बंद हो जाना। मीटर स्क्रीन में डिस्पले गायब हो जाना। चार्जिंग में लगे रहने के दौरान शार्ट सर्किट होना।
कोरबा टूडे स्टूडियो ने ओला के खरीदारों से चर्चा की और ओला दुपहिया में आ रही समस्याओं संबंध में जानने का प्रयास किया। ओला के खरीदारों ने अपनी समस्याओं को सामने रखा है। ग्राहकों ने बताया कि ओला की खरीदारी करते समय सर्विसिंग की जिम्मेदारी ली गई थी, लेकिन एजेंसी में अब किसी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है। दुपहिया कई दिनों से घर पर खड़ा हुआ है और एक शोपीस बनकर रह गया है। लोग अब पूछ रहे हैं चलता है कि नहीं? इस संबंध में कोरबा के ओला एजेंसी संचालकों से जानकारी नहीं ली गई है। चर्चा के उपरांत वास्तविकता सामने आ सकेगी।
इधर कोरबा की एक दूसरी कंपनी की दुपहिया में कुछ समय पहले चार्जिंग के दौरान अचानक आग लगने की घटना हुई थी। संबंधित ग्राहक ने संबंधित एजेंसी से संपर्क किया था। एजेंसी संचालक ने ग्राहक को दूसरा वाहन उपलब्ध करा दिया था। साथ ही बताया गया था कि चार्जिंग के दौरान वायर में लिकेज होने से शार्ट सर्किट हो सकता है, जिससे आग लगने जैसी घटना हो सकती है।







