नेपाल में आई महातबाही के बाद नौंवे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। तबाही के बाद भी कोहराम मचा है और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। त्रासदी के बाद नेपाल में सेना और पुलिस का सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
भारतीय सेना की एक्सपर्ट रेस्क्यू टीम भी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने में जुटी है। तबाही वाले इलाकों में मलबे के नीचे से लगातार शव निकल रहे हैं। इसके साथ ही नेपाल आपदा में मृतकों का आंकड़ा 1250 के पार चला गया है।
टनल में लोगों के फंसे होने की आशंका : जानकारी के अनुसार, तबाही वाले इलाकों में 22 लाख टन से ज्यादा मलबा जमा है और उस मलबे के नीचे से शवों की तलाश की जारी है। इसी मलबे के नीचे से लगातार लाशें निकल रही हैं। बताया जा रहा है बरामद शवों में से सिर्फ 4 फीसदी शवों की पहचान हो पाई है। नेपाल में टनल में अभी भी सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है। इन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। भारतीय सेना भी इसमें मदद कर रही है।
भारत लगातार भेज रहा मदद : नेपाल के इस मुश्किल वक्त में भारत मजबूती से उसके साथ खड़ा है। भारत ने नेपाल को राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी है। इसके लिए नेपाल के प्रधानमंत्री ने बालेन शाह पीएम मोदी का आभार जताया है। बता दें नेपाल कि मदद के लिए भारत की 10 टीमें वहां तैनात है जो लगातार मदद कर रही है। दूसरी ओर पीएम बालेन शाह ने नेपाल त्रासदी के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया है।







