अहमदाबाद। गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हो गई है। इस मामले चार लोकल पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है और केमिकल वाली शराब बनाने, बेचने और बांटने के मामले में 21 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
दरअसल, भावनागर के घोघा तालुका के खरकड़ी गांव में नकली शराब पीने और बांटने के सिलसिले में 19 अगस्त को वरतेज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। इसमें मध्य प्रदेश के खरकड़ी, वरतेज, उज्जैन और भावनगर जिले के दूसरे हिस्सों के 21 आरोपियों के नाम हैं। उन पर भारतीय न्याय संहिता और गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट के कई प्रोविजन के तहत केस दर्ज किया गया है।
उज्जैन से लाई गई थी शराब : FIR के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर पैसे के फायदे के लिए केमिकल वाली शराब बनाई, उसमें मिलावट की और उसे बेचा, जिससे कस्टमर्स की जान खतरे में पड़ गई। पुलिस ने कहा कि शराब उज्जैन से लाई गई थी और बाद में भावनगर और आस-पास के इलाकों में बांटने से पहले उसमें मिलावट की गई थी।
FIR में शराब का लिंक ‘रॉयल स्टैग’ लेबल वाली बोतलों से जोड़ा गया है। जांच करने वालों ने आरोप लगाया है कि नेटवर्क के अलग-अलग सदस्य शराब खरीदने, मिलावटी स्टॉक तैयार करने और उसे अलग-अलग चैनलों के जरिए बांटने में शामिल थे।
अधिकारियों के मुताबिक, सैंपल में 38.59 परसेंट मेथनॉल और 0.94 परसेंट इथेनॉल था। FIR में उपेंद्रसिंह गोहिल और कार्तिकभाई मकवाना समेत कई पीड़ितों से लिए गए सैंपल में मेथनॉल मिलने का भी रिकॉर्ड है।
कैसे सामेने आया मामला? : यह मामला तब सामने आया जब खरखड़ी और उसके आस-पास के इलाकों में जमावड़े के दौरान शराब पीने वाले लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ने लगे। खबर है कि कई पीड़ितों में उल्टी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखे, जिसके बाद उन्हें भावनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस शराब के सोर्स, उसमें मिलावट करने के तरीके और उसके डिस्ट्रीब्यूशन की हद की जांच कर रही है।







