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छत्तीसगढ़

Ex MLA बृहस्पति सिंह का वाट्सएप हैक! परिचितों से मांगे जा रहे ₹28 हजार

पुलिस में शिकायत, पहले भी बन चुके हैं साइबर ठगों का निशाना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब साइबर ठगों ने कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह को निशाना बनाया है। आरोप है कि उनका वाट्सएप् अकाउंट हैक कर ठग उनके नाम से परिचितों और समर्थकों को मैसेज भेजकर 28 हजार रुपये मांग रहे हैं।

मामले की जानकारी मिलते ही बृहस्पति सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

वाट्सएप से भेजे जा रहे पैसे मांगने वाले मैसेज

जानकारी के मुताबिक, हैकर्स बृहस्पति सिंह के वाट्सएप नंबर से उनके परिचितों को मैसेज भेज रहे हैं। मैसेज में कथित तौर पर बताया जा रहा है कि उन्हें तत्काल पैसों की जरूरत है और उनका यूपीआई काम नहीं कर रहा है।

इसके बाद सामने वाले से किसी दूसरे यूपीआई आईडी पर 28 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा जा रहा है। ठग भरोसा जीतने के लिए यह भी कह रहे हैं कि रकम रात 8 बजे तक वापस कर दी जाएगी। इस तरह परिचित व्यक्ति को जल्दबाजी में भुगतान करने के लिए राजी करने की कोशिश की जा रही है।

पूर्व विधायक ने लोगों को किया अलर्ट

वाट्सएप अकाउंट हैक होने की जानकारी मिलने के बाद बृहस्पति सिंह ने रायपुर पुलिस से शिकायत की। उन्होंने अपने परिचितों, समर्थकों और आम लोगों से अपील की है कि उनके नाम से पैसे मांगने वाले किसी भी मैसेज पर भरोसा न करें।

उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि किए किसी भी खाते या यूपीआई आईडी पर रकम ट्रांसफर न करें, क्योंकि हैकर्स उनके वाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं।

पहले भी नेता बन चुके हैं साइबर ठगों का निशाना

छत्तीसगढ़ में राजनीतिक नेताओं के वाट्सएप अकाउंट हैक होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले गरियाबंद जिले में भाजपा के कई नेताओं के वाट्सएप अकाउंट हैक किए जाने के मामले भी सामने आ चुके हैं।

लगातार सामने आ रहे मामलों से संकेत मिलता है कि साइबर ठग अब आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की पहचान का इस्तेमाल कर ठगी की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस ने दी सावधानी बरतने की सलाह

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी परिचित, नेता या जनप्रतिनिधि के नाम से अचानक पैसे मांगने वाला मैसेज मिले तो पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर सीधे संपर्क कर पुष्टि करें।

किसी भी संदिग्ध लिंक, मैसेज या भुगतान की मांग पर तुरंत कार्रवाई करने के बजाय उसकी सत्यता जांचें। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर साइबर अपराध की शिकायत संबंधित साइबर पुलिस या नजदीकी थाने में करें।

साइबर ठगी से बचने का सबसे आसान तरीका: जल्दबाजी में भुगतान न करें और पैसे भेजने से पहले सामने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जरूर करें।

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