जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत मीरूडीह बस्ती से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां सोमवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में कक्षा छह की चार नाबालिग छात्राएं अचानक लापता हो गईं।
राहत की बात यह है कि इनमें से एक छात्रा मंगलवार सुबह चाईबासा से सुरक्षित घर लौट आई है, लेकिन शेष तीन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना के बाद से पूरी बस्ती में परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है।
मजदूरी से लौटे माता-पिता को मिली लापता होने की खबर
लापता छात्राओं में सिमरन जोजो, शांति सामद और उनकी दो अन्य सहेलियां शामिल हैं। इन सभी की उम्र 15 से 16 वर्ष के बीच है और ये मीरूडीह बस्ती की रहने वाली हैं।
घटनाक्रम: सोमवार दोपहर करीब 12 बजे ये चारों सहेलियां किसी को बिना बताए घर से एक साथ निकल गईं।
वजह : पड़ोसियों ने जब उनसे पूछा तो उन्होंने सिर्फ ‘घूमने जाने’ की बात कही।
परिजनों को कब पता चला
इन छात्राओं के माता-पिता स्थानीय कंपनियों में दैनिक मजदूरी करते हैं। शाम को जब वे काम से थके-हारे घर लौटे, तब उन्हें बच्चों के गायब होने की खबर मिली। रातभर रिश्तेदारों के यहां खोजबीन के बाद जब कोई पता नहीं चला, तो देर रात पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
चाईबासा में बिछड़ गईं सहेलियां
मंगलवार को सकुशल वापस लौटी छात्रा लक्ष्मी बंकिरा ने पुलिस को बताया कि वे चारों बस पकड़कर चाईबासा पहुंची थीं। चाईबासा रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात आरपीएफ कर्मियों से हो गई, जिसके बाद उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। हालांकि, इसी दौरान उसकी अन्य तीन सहेलियां कहीं और चली गईं और बिछड़ गईं। पुलिस अब लक्ष्मी से मिले इनपुट और सुरागों के आधार पर चाईबासा और आसपास के इलाकों में अन्य तीनों छात्राओं की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी बच्चियों को सुरक्षित ढूंढ लिया जाएगा।







