इन दिनों भारी गर्मी पड़ रही है। तापमान अपने चरम पर है। भीषण गर्मी से राहत पाने लोग एसी-कूलर का सहारा ले रहे हैं। अक्सर कूलर चलता है तो उससे बदबू आती है और मच्छर पनपने लगते हैं। कई लोग इस समस्या से निपटने के लिए कूलर के पानी में फिटकरी डालने की सलाह देते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे का असली साइंस क्या है?
फिटकरी (ALUM) सिर्फ एक साधारण घरेलू नुस्खा नहीं है, बल्कि यह पानी को साफ करने और कूलर की उम्र बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका है। आइए जानते हैं फिटकरी कूलर के पानी में कैसे काम करती है और इसके फायदे क्या हैं।
पानी की अशुद्धियों का सफाया
- फिटकरी पानी में मौजूद धूल-मिट्टी और सूक्ष्म गंदगी के कणों को भारी बनाकर नीचे बैठा देती है।
- कूलर के टैंक में जमी काई और गंदगी की वजह से आने वाली दुर्गंध को फिटकरी काफी हद तक कम कर देती है।
- जब पानी साफ होता है, तो कूलर के पैड से होकर आने वाली हवा भी अधिक ताजी और स्वच्छ महसूस होती है।
मच्छरों और बैक्टीरिया पर लगाम
- फिटकरी के पानी में मच्छर अपने अंडे नहीं दे पाते, जिससे कूलर में मच्छरों के पनपने का खतरा कम हो जाता है।
- इसमें नेचुरल रूप से कीटाणुनाशक गुण होते हैं, जो पानी को लंबे समय तक सड़ने से बचाते हैं।
- साफ पानी का मतलब है कि कमरे की हवा में हानिकारक बैक्टीरिया कम होंगे, जिससे इंफेक्शन का खतरा घटेगा।
कूलर की लंबी उम्र के लिए फायदेमंद
- फिटकरी पानी के खारेपन के असर को कम करती है, जिससे कूलर की बॉडी पर सफेद दाग कम जमते हैं।
- जब गंदगी टैंक के नीचे बैठ जाती है, तो कूलर का पंप साफ पानी खींचता है, जिससे उसके जाम होने का डर नहीं रहता।
- पानी में फिटकरी डालने से कूलर के पैड्स पर नमक की परत कम जमती है, जिससे वे लंबे समय तक चलते हैं।
इस्तेमाल करने का सही तरीका
- एक मध्यम आकार के कूलर के लिए फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा (लगभग 50 ग्राम) ही काफी होता है।
- फिटकरी को सीधे फेंकने के बजाय एक पतले कपड़े में बांधकर पानी में लटकाना ज्यादा बेहतर होता है।
- इसे बहुत ज्यादा मात्रा में न डालें और हर 4-5 दिनों में कूलर का पानी बदलते रहें।







