रायपुर। पश्चिमी इलाके में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने रविवार देर रात व्यापक कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। करीब 130 पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए वारंटियों, निगरानी बदमाशों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। अभियान के दौरान 10 स्थायी वारंट और 6 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए, जबकि 20 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
पुलिस ने पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमानाका, आजाद चौक, कबीर नगर, सरस्वती नगर, न्यू राजेंद्र नगर, मुजगहन और टिकरापारा थाना क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाया। गश्त शुरू होने से पहले सभी पुलिस टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, जिसके बाद संवेदनशील इलाकों में सघन जांच अभियान शुरू किया गया।
कार्रवाई के दौरान बीएसयूपी और आरडीए कॉलोनियों, सार्वजनिक स्थलों तथा अपराध प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन जांच की गई। सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के कोटा इलाके से 22 संदिग्ध लोगों को पकड़कर पूछताछ और सत्यापन किया गया।
पुलिस टीमों ने 25 निगरानी बदमाशों, 45 गुंडा बदमाशों और 2 चाकूबाजों के घर पहुंचकर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। उनके परिजनों की मौजूदगी में दोबारा किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी गई और जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस के सामने उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान संभावित अपराधों को रोकने के उद्देश्य से 20 आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। वहीं सत्यापन के दौरान मिले 22 संदिग्ध व्यक्तियों को भी भविष्य में कानून व्यवस्था भंग करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पुलिस का कहना है कि शहर में अपराध पर नियंत्रण और आम लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए इस तरह के कॉम्बिंग अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। वारंटियों, हिस्ट्रीशीटरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।