Home » साइबर अपराध पर CJI ने जताई गंभीर चिंता, “डिजिटल अरेस्ट” जैसे मामलों को बताया खतरनाक, जानें और क्या कहा
देश

साइबर अपराध पर CJI ने जताई गंभीर चिंता, “डिजिटल अरेस्ट” जैसे मामलों को बताया खतरनाक, जानें और क्या कहा

नई दिल्ली।  देश में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्य कांत ने गंभीर चिंता जताई है। CBI के एक कार्यक्रम में उन्होंने साफ कहा कि अब अपराध का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। पहले जहां चोरी या हथियारों से अपराध होते थे, अब ठग मोबाइल फोन, फर्जी कॉल, मैसेज और ऐप के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। CJI के मुताबिक, पिछले दो साल में साइबर ठगी से लोगों को करीब 44 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इस बात का सबूत हैं कि अपराधी कितनी तेजी से आम लोगों तक पहुंच रहे हैं।

डिजिटल अरेस्ट बन रहा बड़ा खतरा :  CJI  सूर्य कांत ने खास तौर पर “डिजिटल अरेस्ट” जैसे मामलों को खतरनाक बताया। इसमें ठग खुद को CBI, पुलिस, ED या RBI का अधिकारी बताकर फोन करते हैं और लोगों को डराते हैं—जैसे कि आपका अकाउंट बंद हो जाएगा या आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डर के माहौल में लोग तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग शर्म या डर की वजह से शिकायत नहीं करते, जिससे अपराधियों का हौसला और बढ़ जाता है।

बुजुर्ग हो रहे सबसे ज्यादा शिकार :  CJI ने बताया कि साइबर ठगी के सबसे ज्यादा शिकार बुजुर्ग और रिटायर्ड लोग हो रहे हैं। कई बार उनकी पूरी जिंदगी की कमाई कुछ ही मिनटों में खत्म हो जाती है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक झटका और असुरक्षा का एहसास भी होता है।

विदेश से चल रहे ठगी के नेटवर्क :  उन्होंने यह भी बताया कि कई साइबर फ्रॉड गैंग भारत के बाहर, खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ इलाकों से ऑपरेट हो रहे हैं। वहां बड़े-बड़े स्कैम सेंटर चल रहे हैं, जहां फर्जी कॉलिंग, डेटा चोरी और निवेश के नाम पर ठगी की जाती है। कुछ मामलों में लोगों को जबरन वहां बंधक बनाकर काम भी कराया जाता है।

मिलकर लड़नी होगी ये लड़ाई :  CJI ने साफ कहा कि साइबर अपराध से निपटना सिर्फ पुलिस या CBI के बस की बात नहीं है। इसके लिए बैंक, टेलीकॉम कंपनियां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और जांच एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे ही कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो, तुरंत अलर्ट मिलना चाहिए ताकि समय रहते पैसे रोके जा सकें।

CBI के नए चैटबॉट ABHAY की तारीफ :  कार्यक्रम में CBI के एक नए चैटबॉट सिस्टम की भी तारीफ की गई। इस सिस्टम के जरिए लोग यह जांच सकेंगे कि उन्हें मिला नोटिस असली है या फर्जी। इससे नकली नोटिस भेजकर ठगी करने वालों पर लगाम लगेगी।

अदालतों को भी बदलना होगा:  CJI ने कहा कि न्यायपालिका को भी डिजिटल दौर के हिसाब से खुद को अपडेट करना होगा। साइबर अपराध कई राज्यों और देशों तक फैले होते हैं, इसलिए अदालतों को डिजिटल सबूत और नए तरीकों को समझना जरूरी है। अपने भाषण के अंत में CJI ने कहा कि साइबर दुनिया एक बड़े समुद्र की तरह है—जिसमें मौके भी हैं और खतरे भी। अगर पुलिस, जांच एजेंसियां और न्यायपालिका मिलकर काम करें, तभी इस डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

Search

Archives