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नीट पेपर लीक बढ़ते विवाद के बीच सरकार का बड़ा फैसला : एनटीए में दो संयुक्त सचिवों, दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में बड़ी प्रशासनिक नियुक्तियां की हैं। एनटीए में चार बड़े अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।  बता दें कि नीट यूजी 2026 पेपर लीक में सीबीआई अब तक नौ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सीबीआई ने अपनी जांच में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

पांच साल के लिए की गईं नियुक्तियां :  सरकार ने एजेंसी में दो नए संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशक नियुक्त किए हैं। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार, भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) की 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा (कस्टम्स और इनडायरेक्ट टैक्स) की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज को एनटीए में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।

दोनों की नियुक्ति पांच साल के लिए की गई है। इसके अलावा, भारतीय राजस्व सेवा (इनकम टैक्स) के अधिकारी आकाश जैन और भारतीय ऑडिट एवं अकाउंट्स सेवा के अधिकारी आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को संयुक्त निदेशक बनाया गया है। सीबीआई ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) का पेपर लीक होने के प्रकरण में मामला दर्ज कर जांच के लिए टीम गठित की हैं। पेपर लीक होने के कारण तीन मई को आयोजित यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी। देश भर में एनटीए द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।

दूसरी मास्टरमाइंड बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मांधरे गिरफ्तार :  सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 पेपरलीक मामले में दूसरी मास्टरमाइंड बायोलॉजी की लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मांधरे को गिरफ्तार किया है। मनीषा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की पेपर-सेटिंग कमेटी से जुड़ी थीं। एक दिन पहले महाराष्ट्र के पुणे से रसायन विज्ञान के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने कुलकर्णी को मास्टरमाइंड माना है और मनीषा की गिरफ्तारी उनसे पूछताछ के आधार पर हुई है। कुलकर्णी, केमिस्ट्री के विशेषज्ञ हैं और लंबे समय से नीट प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों से जुड़े रहे हैं।

सीबीआई के अनुसार, पुणे की मनीषा मांधरे को एनटीए ने नीट-यूजी परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया था। उन्हें बॉटनी व जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी। एजेंसी ने उन्हें दिल्ली स्थित मुख्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। सीबीआई के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान पुणे की मनीषा वाघमारे ने उनका कई नीट अभ्यर्थियों से संपर्क कराया। वाघमारे को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

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