कोरबा / कटघोरा। बहुचर्चित राज ज्वेलर्स, छुरी लूट प्रकरण का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले मे दो आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। घटना में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल एवं देशी कट्टे को जब्त कर लिया गया है। आरोपी पूर्व में हत्या, दुष्कर्म एवं अन्य गंभीर अपराधों में जेल की हवा खा चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में गोपाल सिंह गोंड, पिता स्व. उज्जवल सिंह गोंड, 38 वर्ष, निवासी ग्राम घुचापुर, चौकी कोरबी, थाना पसान, परदेशी राठिया पिता गुरुवार सिंह, 40 वर्ष, निवासी ग्राम जिलगा (बरपाली), थाना श्यांग, जिला कोरबा शामिल है। वहीं एक आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया पिता मोहन राठिया, निवासी ग्राम कोलगा, थाना करतला, जिला कोरबा अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है।
दरअसल राजकुमार अग्रवाल निवासी वार्ड क्रमांक-10, छुरीकला, थाना कटघोरा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 01 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 01:00 बजे वे अपनी राज ज्वेलर्स दुकान में अकेले मौजूद थे। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से तीन व्यक्ति ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचे। तीनों ने अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से गमछे से चेहरा ढंक रखा था, जिनमें दो पुरुष एवं एक महिला के भेष में शामिल थी।
आरोपियों ने पहले चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार को काउंटर तक बुलाया। इसी दौरान एक आरोपी ने दुकान का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया तथा दूसरे आरोपी ने देशी कट्टा निकालकर प्रार्थी की छाती पर अड़ा दिया। साथ ही उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया। छीना-झपटी के दौरान आरोपी दुकान में रखे आभूषण अपने बैग में भरने लगी। तीनों आरोपियों ने संयुक्त रूप से दुकान में रखे सामान की लूट का प्रयास किया, किन्तु बाहर लोगों की भीड़ एकत्रित होने पर वे मौके से भाग निकले। भागते समय वे अपने साथ लाया गया देशी कट्टा एवं बिना नंबर प्लेट की चोरी की मोटरसाइकिल (चेचिस क्रमांक *MD2B77AX2PWC03386*) घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित एवं तकनीकी कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा के निर्देश पर तत्काल विशेष टीम गठित की गई। टीम को विभिन्न जिलों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में आरोपियों की तलाश हेतु रवाना किया गया। शहर एवं आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया तथा तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की लगातार पतासाजी की गई।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए जंगल के रास्तों का उपयोग कर रहे थे। पुलिस टीम ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर एवं अंबिकापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार दबिश दी। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल चोरी की होना भी जांच में पाया गया।
मुखबिर से प्राप्त सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल गोपाल सिंह गोंड, परदेशी राठिया एवं विष्णु राठिया की पहचान की गई। तत्पश्चात पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी घटना से इंकार करते रहे, किन्तु वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के समक्ष कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
जेल में एक दूसरे के संपर्क में आए : पूछताछ में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपी पूर्व में हत्या, दुष्कर्म एवं अन्य गंभीर अपराधों में सजा काटकर जेल से छूटे थे। जेल में रहने के दौरान तीनों की आपस में मित्रता हुई, जहां उन्होंने रिहाई के बाद लूट की योजना बनाई। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने सुनियोजित षड्यंत्र रचते हुए चोरी की मोटरसाइकिल एवं देशी कट्टे का उपयोग कर राज ज्वेलर्स, छुरी में लूट की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं लगातार की गई मेहनत के परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय कटघोरा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। फरार आरोपी की तलाश लगातार जारी है।







