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कोरबा

राजस्व रिकॉर्ड में जीवित वारिस को दर्शा दिया मृत, जनचौपाल में पहुंचकर कहा अभी मै जिंदा हूं, रेल कॉरिडोर की अर्जित भूमि का मुआवजा के लिए कूटरचना

कोरबा। राजस्व मंत्री के जिले में राजस्व विभाग ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। गेवरारोड -पेंड्रारोड़ रेल कॉरिडोर परियोजना के लिए संयुक्त खाता में भू -अर्जन के बाद मुआवजा वितरण में जीवित वारिस को राजस्व रिकार्ड में मृत दर्शा दिया गया। 6 लाख का मुआवजा में से पीड़ित को एक रूपया भी नहीं मिला। पीड़ित ने जनचौपाल में अपने जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत कर विभाग के अधिकारियों को चौका दिया है। साथ ही कूटरचना करने वाले हल्का पटवारी सहित उनके हिस्से की मुआवजा की राशि हड़पने वालों के विरूद्ध्घ् कार्रवाई की गुहार लगाई है। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरतराई निवासी प्रार्थी विक्रम दास पिता लछनदास पनिका 35 वर्ष ने जनचौपाल में आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि मौजा ग्राम डोंगरतराई तहसील पोंडी उपरोड़ा में उनके पूर्वज की भूमि ख. न.390/2 रकबा 0.162 हेक्टेयर भूमि गेवरारोड पेंड्रारोड़ रेल कॉरिडोर में अर्जित हुई है। जिसकी मुआवजा राशि को नारायण दास (फूफा)) निवासी गांगपुर एवं बचनदास पिता ज्ञानदास द्वारा पटवारी से मिलीभगत कर मुआवजा नामांतरण पत्र में फ़ौत दर्शा दिया गया। जमीन के एवज में दो किश्त की 6 लाख रुपए मुआवजा राशि को हड़प लिया है। पूर्वज जुगल दास पिता मंहगू दास की रेल कारीडोर में अर्जित भूमि का मुआवजा भी उनके द्वारा हड़प लिया गया है। संबंधितों ने पटवारी को गलत जानकारी देकर नामांतरण पत्र में मृत दर्शा दिया है। पीड़ित ने कलेक्टर से प्रकरण में हल्का पटवारी सहित उनके स्वामित्व के अर्जित भूमि का मुआवजा डकारने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। पीड़ित विक्रमदास ने प्रकरण में 29 नवंबर 2022 को कलेक्टर व एसपी के समक्ष प्रस्तुत शिकायत पत्र की प्रति भी दिखाई। जिसके बावजूद आज पर्यन्त उसे न्याय नहीं मिला।कलेक्टर को जीवित होने का दिखाया प्रमाणजनचौपाल में विक्रमदास पिता लछनदास ने अपने जीवित होने एवं राजस्व विभाग की कूटरचना से जुड़े विभिन्न दस्तावेज साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किए। जिसकी प्रति मीडिया को भी दिखाई। जिसमें अधिकार अभिलेख, 2007 का पंचनामा ,बी वन प्रस्तुत किए। अधिकार अभिलेख व पंचनामा में उनका नाम वारिसान के तौर पर दर्ज है, जबकि बी वन में उनके नाम के सम्मुख फौत दर्शाकर कूटरचना की गई है।

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