इत्तेफाक या साजिश ?
नई दिल्ली। हंट्सविले, अलबामा की रहने वाली शोधकर्ता एमी एस्क्रिज़ की 2022 में हुई मृत्यु का मामला एक बार फिर इंटरनेट पर चर्चा में है। उनका नाम उन 11 वैज्ञानिकों की सूची में जुड़ गया है जिनकी मृत्यु या गायब होना रहस्यों के घेरे में है।
इस मामले ने तब और तूल पकड़ा, जब अमेरिकी सेना, परमाणु और अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़े कम से कम 10 अन्य हालिया मामले सामने आए। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे कोई खास पैटर्न या साजिश है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर अभी-अभी एक बैठक खत्म की है। उन्होंने स्थिति को काफी गंभीर बताते हुए वादा किया कि अगले कुछ दिनों में इसके जवाब मिल जाएंगे।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि यह महज एक इत्तेफाक हो, लेकिन हमें अगले डेढ़ हफ्ते में सच्चाई पता चल जाएगी।’ व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर लिखा कि सरकार इसकी जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
लीविट के अनुसार, व्हाइट हाउस सभी संबंधित एजेंसियों और एफबीआई के साथ मिलकर इन सभी मामलों की गहराई से समीक्षा कर रहा है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि क्या इन सभी घटनाओं के बीच कोई आपस में संबंध है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही इस जांच में कोई नई जानकारी मिलेगी, उसे जनता के साथ साझा किया जाएगा।







