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छत्तीसगढ़

कत्ल, रंजिश और 7 राज्यों का पीछा: करही के चर्चित आयुष कश्यप हत्याकांड की सुलझी गुत्थी

कामयाबी की तरक्की से जलते थे आरोपी, 3 गिरफ्तार

जांजगीर-चाम्पा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले के थाना बिर्रा अंतर्गत ग्राम करही में हुए बहुचर्चित और सनसनीखेज गोलीकांड व कांग्रेस नेता के पुत्र की हत्या के मामले को सुलझाने में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस के विशेष अभियान “ऑपरेशन हंट” ने इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रेस वार्ता के दौरान बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग और एसपी विजय कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से इस पूरे मामले का खुलासा किया।

क्या थी हत्या की वजह? (उधारी, जलन और व्यापारिक दुश्मनी)

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि इस कत्ल के पीछे गहरी साजिश, जलन और प्रतिशोध की भावना थी।
आर्थिक विवाद। मुख्य आरोपी भूषण बघेल के भाई द्वारा लिए गए उधारी के पैसों को लेकर मृतक के परिवार से लगातार विवाद चल रहा था।
बढ़ता प्रभाव और जलन: आरोपी, मृतक आयुष कश्यप के समाज में बढ़ते प्रभाव और उसकी तेजी से होती आर्थिक प्रगति से बुरी तरह जलते थे।

व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा: बिजनेस में कॉम्पिटिशन के कारण आरोपियों को लगातार नुकसान का अहसास हो रहा था, जिसके चलते उन्होंने आयुष को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
वारदात की खौफनाक रातः कैसे दिया घटना को अंजाम?

आईजी और एसपी ने बताया कि घटना 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात की है।

सीसीटीवी कैमरे तोड़ेः आरोपियों ने पहले से प्लानिंग कर रखी थी। घटना की रात तीनों आरोपी घर के आसपास छिपे थे। उनके सहयोगियों ने सबसे पहले घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े ताकि कोई सबूत न बचे।
कमरे को बाहर से किया बंदः नकाबपोश बदमाशों ने घर के अंदर घुसकर सबसे पहले मृतक के पिता (कांग्रेस नेता) के कमरे को बाहर से बंद कर दिया, ताकि कोई मदद के लिए न आ सके।
ताबड़तो ड़ फायरिंगःइसके बाद आरोपी आयुष कश्यप के कमरे में घुसे और उस पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी आरोपियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए।

7 राज्यों की खाक छानी, 200 सीसीटीवी फुटेज खंगाले

इस जघन्य हत्याकांड के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन प्रभारी एसपी श्रीमती निवेदिता पाल, एएसपी उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। आईजी रामगोपाल गर्ग ने खुद मौके पर पहुंचकर ग्राम करही में एक विशेष पुलिस कैम्प स्थापित किया।

जांच का दायरा इतना बड़ा था कि पुलिस की विशेष टीमों ने छत्तीसगढ़ के अलावा गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत 07 राज्यों में दबिश दी। इस दौरान 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ियां जोड़ी गईं।

टर्निंग पॉइंट बना “ऑपरेशन हंट”

प्रशिक्षण से लौटते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय कुमार पाण्डेय सीधे घटना स्थल ग्राम करही पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात ढांढस बंधाया और केस को री-इवैल्युएट करते हुए “ऑपरेशन हंट” लॉन्च किया।

इसी दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी भूषण बघेल के पास पहले एक अवैध हथियार देखा गया था। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उधारी और व्यावसायिक रंजिश की बात सामने आई और पूरी गुत्थी सुलझ गई।

गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल और बरामदगी

पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को दबोचा है, वे सभी ग्राम करही के ही रहने वाले हैं।

हेमंत कुमार बघेल (उम्र 23 वर्ष) वार्ड नं. 11, करही, भूषण बघेल (उम्र 23 वर्ष) वार्ड नं. 01, करही, अमित टंडन (उम्र 28 वर्ष) वार्ड नं. 09, करही

बरामदगीः आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक मैगजीन, एक अतिरिक्त खाली मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता और कुछ अन्य सहयोगियों की तलाश अभी भी जारी है।

पुलिस टीम को मिलेगा बड़ा इनाम

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने वाली टीम की पीठ थपथपाते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग ने पूरी टीम को उचित इनाम देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई में एएसपी उमेश कुमार कश्यप, एएसपी उदयन बेहार, साइबर थाना जांजगीर, थाना बिर्रा, बम्हनीडीह, मुलमुला और रेंज साइबर सेल के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही।

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