रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ घोटाला मामले में आज निलंबित आईएएस रानू साहू और माया वारियर को कोर्ट में पेश किया गया। दोनों आरोपियों को ईडी की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। एक बार फिर रानू साहू और माया वारियर की मुश्किलें बढ़ गई है। कोर्ट ने दोनों की न्ययिक रिमांड बढ़ा दी है। 17 दिसंबर तक दोनों की न्यायिक रिमांड बढ़ गई है, वहीं निलंबित आईएएस रानू साहू के कथित सहयोगी मनोज द्विवेदी को भी आज कोर्ट में पेश किया गया। मनोज द्विवेदी पर रानू साहू के साथ मिलकर एनजीओ के माध्यम से डीएमएफ के करोड़ों रुपए गबन का आरोप है। बता दें कि रानू साहू जून 2021 से जून 2022 तक कोरबा में कलेक्टर थीं।
वहीं निलंबित आईएएस रानू साहू के कथित सहयोगी मनोज द्विवेदी को भी आज कोर्ट में पेश किया गया। मनोज द्विवेदी पर रानू साहू के साथ मिलकर एनजीओ के माध्यम से डीएमएफ के करोड़ों रुपए गबन का आरोप है। बता दें कि रानू साहू जून 2021 से जून 2022 तक कोरबा में कलेक्टर थीं। इसके बाद फरवरी 2023 तक वह रायगढ़ की भी कलेक्टर रहीं। इस दौरान माया वारियर भी कोरबा में पदस्थ थीं। कलेक्टर रानू साहू से करीबी संबंध होने के कारण कोयला घोटाले को लेकर माया वारियर के दफ्तर और घर में ईडी ने छापा मारा था। डीएमएफ की बड़ी राशि आदिवासी विकास विभाग को प्रदान की गई थी, जिसमें घोटाले का आरोप हैं। इसका प्रमाण मिलने के बाद ईडी ने माया वारियर को भी गिरफ्तार किया गया है।







