एक नाबालिग का किया रेस्क्यू
बिलासपुर। जिले की सरकंडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो घरेलू झगड़ों से परेशान नाबालिग लड़कियों को बहला फुसलाकर वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलता था।
मामला तब सामने आया जब एक परेशान मां ने अपनी लापता नाबालिग बेटी के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लड़की घर में हुए झगड़े से नाराज होकर अपनी एक नाबालिग सहेली के घर चली गई थी। यही वह पहला गलत कदम था। जिसने उसे अपराधियों के जाल में फंसा दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी सहेली और उसके परिवार ने मिलकर उसे रायगढ़ ले गए। वहां उसे एक कमरे में बंद करके जबरदस्ती शराब पिलाई जाती थी। फिर अलग-अलग पुरूषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाबालिग को बचाया ओर इस रैकेट को चलाने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें पीड़िता की दो नाबालिग सहेली, उसकी मां कालिका तिवारी और एक पुरूष आरोपी विकास उर्फ विक्की भोजवानी शामिल हैं। विकास भोजवानी पर पहले भी ऐसे अपराधों में संलिप्त होने का आरोप है।
यह सच्ची घटना यह दिखाती है कि कैसे एक पल में लिया गलत निर्णय किसी की पूरी जिंदगी को अंधेरे में धकेल सकता है। अपनी परेशानियों को अपने परिवार के साथ बांटे और किसी अंजान व्यक्ति पर विश्वास करने से पहले सौ बार सोचे। अपनी सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दें। एक गलत कदम का अंजाम बहुत खतरनाक हो सकता है।







