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छत्तीसगढ़

सचिन तेंदुलकर-निर्मला सीतारमण के नाम पर 45 लाख ठगे, 9वीं फेल आरोपी अरेस्ट

दुर्ग में रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी ने फर्जी निवेश में गंवाए रुपए

दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में 45 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति के नाम के विज्ञापन दिखाकर निवेश से जुड़े कई दावे किए और एक रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी से पैसे ऐंठ लिए।

मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के बैतूल से आरोपी विशाल नागले (24) को गिरफ्तार किया है। अभी मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। ठगों ने बीएसपी कर्मचारी को लिंक भेजा था, जिसमें रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेडिंग, मार्जिन, सोने-तेल में निवेश और टैक्स के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे लिए। इस तरह कुल 45 लाख 18 हजार 998 रुपए की ठगी की।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी विशाल 9वीं फेल है और पेशे से मजदूर है। वह साल 2020 में मजदूरी के लिए पुणे गया था। वहां पर लॉट में ऑनलाइन अकाउंट खुलवाया गया था। उसके इसी अकाउंट में ठगी के पैसे आए। हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।

पीड़ित जयंत बागची (61) भिलाई के हुडको के रहने वाले हैं। वे भिलाई इस्पात संयंत्र से रिटायर हो चुके हैं। इससे पहले वे भारतीय सेना में भी सेवा दे चुके हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2026 को वे मोबाइल पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें ऑनलाइन निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया।

इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सचिन तेंदुलकर और सुधा मूर्ति जैसे बड़े नामों का इस्तेमाल किया गया था। विज्ञापन देखकर उन्हें लगा कि यह निवेश योजना भरोसेमंद है। उन्होंने विज्ञापन में दिए लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन कर दिया।

रजिस्ट्रेशन के बाद उनकी बात कृतिका नाम की महिला से हुई। उसने खुद को निवेश प्रक्रिया से जुड़ा बताया। कृतिका ने पीड़ित के वरिष्ठ नागरिक होने की बात कहते हुए 18,998 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस मांगी। पीड़ित ने ऑनलाइन यह रकम जमा कर दी। इसके बाद ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे पैसे ऐंठने का सिलसिला शुरू कर दिया।

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