बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कुएं में उतर गया
मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में चाचा-भतीजे की जान चली गई, जब वे कुएं में मोटर पंप की मरम्मत के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आ गए। हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ा की है। 35 वर्षीय पुरुषोत्तम निषाद सुबह अपने घर के कुएं में मोटरपंप के फुटबॉल में फंसे कचरे को साफ करने उतरा था, लेकिन कुएं के भीतर मिथेन गैस जैसी जहरीली गैस का रिसाव हो रहा था, जिससे उसका दम घुटने लगा और वह कुएं में बेहोश होकर गिर पड़ा। उसकी हालत देखकर 50 वर्षीय चाचा दिनेश निषाद घबराहट में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कुएं में उतर गया और वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन, लेकिन नहीं बची जान
गांव में शोर मचने पर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में कलेक्टर कुंदन कुमार, एसपी भोजराम पटेल और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कुएं में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और घंटों की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
गांव में मातम, प्रशासन की अपील
घटना के बाद खेड़ा गांव में मातम पसरा हुआ है। कलेक्टर कुंदन कुमार ने इसे प्राकृतिक आपदा मानते हुए मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि, “कोई भी नागरिक बिना सुरक्षा उपायों के कुएं या टैंकों में न उतरे। बरसात के मौसम में इस तरह के हादसों की संभावना अधिक रहती है।”
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि, पुराने और खाली कुओं को चिन्हित किया जाए। उन्हें खतरे के टैग के साथ चिह्नित कर जागरूकता अभियान चलाया जाए
मृतकों के परिवार को मिलेगा मुआवजा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मृतकों के परिवार को राजस्व आपदा राहत निधि के तहत मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही आर्थिक व सामाजिक सहायता के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
सावधानी ही सुरक्षा है
यह हादसाएक कड़वी सीख है कि अनजाने में की गई लापरवाही कैसे दो परिवारों को उजाड़ सकती है। प्रशासन का कहना है कि अब हर गांव में जागरूकता अभियान चलाकर इस तरह के हादसों को रोका जाएगा।







