कोरबा । राज्य के वनों के संवर्धन में बांस वनों की अत्यधिक भूमिका मानी जाती है, बांस के वन वातावरण में कार्बन की मात्रा कम कर के इसको साफ सुथरा बनाते है, यह हाथियों का भी मुख्य आहार माने जाते है।
वनमंडल कटघोरा में इस श्रेणी में वनमंडलाधिकारी के द्वारा बहुत से कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों के द्वारा लगातार वनों से बांस करला/करील को अवैधानिक नष्ट करने से बांस वनों में लगातार गिरावट आ रही है। वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर वनपरिक्षेत्र चैतमा में परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश कुर्रे के अगुवाई में प्र.वनक्षेत्रपाल शुभम मिश्रा, वनपाल परस राम पटेल व बीट फोरेस्टर भीम पटेल के द्वारा मुखबीर से सूचना मिलने पर पोटापनी गांव से सोनई पुर रोड के निकट लगभग 15 किलो बांस का करला अभियुक्त रविन्द्र मरावी व त्रिभुवन दास से मौके पर जब्त किया गया। मौके पर वन अपराध में प्रयुक्त हथियार भी जब्त किए गए।
वन अपराध प्रकरण भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत पंजीबद्ध किया गया। वनपरिक्षेत्र अधिकारी दिनेश कुरे ने बताया कि आगामी कार्यवाही इसी प्रकार जारी रहेगी, ताकि बांस वनों का बचाव व सुधार किया जा सके।







