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छत्तीसगढ़

मालवाहक वाहन को बना दिया यात्री वाहन, यातायात नियमों का उल्लंघन, दुर्घटना की आशंका

पेंड्रा गौरेला मरवाही। मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मालवाहक वाहनों को केवल सामान ढोने के लिए ही उपयोग में लाया जा सकता है। इसमें सवारियां बैठाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन हो रहा है। पेंड्रा गौरेला मरवाही जिला के अंतर्गत इनमें से किसी मार्ग पर चले जाइए, मालवाहक में सवारी बैठे नजर आ जाएंगे, जबकि ऐसा करना खतरे से खाली नहीं है। कवर्धा की घटना इसी लापरवाही का नतीजा है।

पिकअप, ट्रैक्टर, मेटाडोर, छोटा हाथी जैसे मालवाहकों में यात्री परिवहन अक्सर देखने को मिलता है। खासकर शादी-विवाह और धान-रोपाई व निर्माण कार्य के समय श्रमिकों को मालवाहकों से ही ढोया जा रहा है। विभिन्न मुख्य मार्गों के अलावा शहर के भीतर भी उल्लंघन का यह नजारा देखने को मिलता है। इसके बावजूद न तो यातायात विभाग और न ही परिवहन विभाग कार्रवाई करता है।

इसी का नतीजा है कि परिस्थितियां अब भी यथावत है। छत्तीसगढ़ में तो हर साल किसी न किसी जिले में मालवाहकों से यात्री परिवहन के दौरान हादसे हो रहे हैं। असमय ही लोगों की जान जा रही है। बड़ी संख्या में लोग घायल होकर अस्पताल भी पहुंच रहे हैं। कवर्धा में बड़ा हादसा हुआ, लेकिन, इस हादसे से सीख नहीं ली गई। ऐसा ही नजारा 4 जुलाई को डानीकुंडी बाजार में देखने को मिला। पिकअप वाहन में 15 से 20 लोगों को लादकर ले जाया जा रहा था, लेकिन, मार्ग में संबंधित विभाग का अमला कार्रवाई तो दूर जांच करते नजर नहीं आया। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाने के साथ जागरूकता जरूरत है। इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आगामी समय में लोगों की असमय मौत से इंकार नहीं किया जा सकता।

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