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छत्तीसगढ़

खुद को बताया डिप्टी सीएम का करीबी, फिर पुलिस में नौकरी लगाने का झांसा देकर 17 लाख रूपए ठगे

कबीरधाम। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक बड़े ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस भर्ती में चयन कराने का झांसा देकर दो युवकों ने एक परिवार से 17 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोपियों ने खुद को बड़े नेताओं का करीबी बताकर पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया था।

पांडातराई थाना पुलिस ने ग्राम मोहगांव निवासी चेतन चंद्रवंशी की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। बिलासपुर निवासी संदीप यादव और राजेश जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज हुआ। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि संदीप यादव से उसकी पहले से पहचान थी। संदीप ने अपने साथी राजेश जायसवाल से मिलवाया, जिसने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तक पहुंच का दावा किया।

राजेश ने अपने संपर्कों से पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने का वादा किया। पीड़ित के छोटे भाई रामनाथ चंद्रवंशी को पुलिस कांस्टेबल बनाने का भरोसा दिया गया। नौकरी लगवाने के एवज में दोनों आरोपियों ने कुल 17 लाख रुपये की मांग की थी। यह भी कहा गया कि यदि परीक्षा में असफल भी हो जाए, तब भी नौकरी लगवा दी जाएगी, लेकिन समय बीतने और भर्ती न होने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

ठगी का तरीका :  शिकायत के अनुसार, 9 दिसंबर 2024 को सबसे पहले 10 हजार रुपये ऑनलाइन दिए गए। इसके बाद अलग-अलग खातों में करीब 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। बाकी 10 लाख रुपये नकद आरोपियों को सौंपे गए थे। परिवार को लंबे समय तक नौकरी लगने का भरोसा दिलाया गया।

पुलिस जांच जारी :  पांडातराई थाना पुलिस ने अब इस मामले में जुर्म दर्ज कर लिया है। सहायक उप निरीक्षक रूपेन्द्र सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस लेन-देन के बैंक विवरण और डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

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