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छत्तीसगढ़

हत्या जांच में बड़ा बदलाव: बिलासपुर रेंज में ‘स्मार्ट विवेचना’ लागू, अब साक्ष्यों से तय होगी सजा

बिलासपुर। हत्या जैसे गंभीर मामलों की जांच अब पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर होगी। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने “स्मार्ट विवेचना” के तहत नई कार्यप्रणाली लागू करते हुए पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। सोमवार को आयोजित इस वर्चुअल प्रशिक्षण सत्र में एएसपी से लेकर उपनिरीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हुए।

आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट किया कि अब पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में दोष सिद्ध कराना होगा। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हत्या के मामलों में 124 बिंदुओं की विस्तृत चेकलिस्ट तैयार की गई है, जिसका पालन एफआईआर दर्ज होने से लेकर चार्जशीट पेश करने तक अनिवार्य रहेगा।

नई व्यवस्था के तहत हर जप्ती की कार्रवाई ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी के साथ की जाएगी। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और गवाहों के मुकरने की स्थिति में भी तकनीकी साक्ष्य मजबूत रहेंगे। घटनास्थल पर ‘गोल्डन ऑवर’ को ध्यान में रखते हुए तत्काल क्षेत्र को सील कर फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मौजूदगी में ही साक्ष्य संकलन किया जाएगा।

डिजिटल और साइबर फॉरेंसिक पर भी विशेष जोर दिया गया है। जांच अधिकारी अब आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट जैसे गूगल टेकआउट, इंटरनेट हिस्ट्री और व्हाट्सएप लॉग्स की जांच करेंगे। साथ ही घटनास्थल के आसपास 100 किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की मैपिंग कर फुटेज को सीधे डीवीआर से जप्त कर केस डायरी में शामिल किया जाएगा।

जैविक साक्ष्यों के तहत डीएनए जांच को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें मृतक के नाखून, बाल और कपड़ों से मिले सैंपल के जरिए आरोपी की मौजूदगी साबित की जाएगी। संवेदनशील मामलों में रात के समय भी पोस्टमार्टम कराने और उसकी वीडियोग्राफी करने के निर्देश दिए गए हैं।

साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए ‘चेन ऑफ कस्टडी’ को भी सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना समाप्त हो सके। आईजी ने निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2026 के बाद दर्ज होने वाले सभी हत्या मामलों में इस नई प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।

प्रशिक्षण सत्र में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित रेंज के सभी जिलों के अधिकारी शामिल हुए। आईजी गर्ग ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को नई अनुसंधान तकनीकों से अपडेट रखने के लिए ऐसे प्रशिक्षण सत्र हर सप्ताह आयोजित किए जाएंगे।

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